ड्रग्स इंस्पेक्टर के ताबड़ तोड़ छापे,बिना लाइसेंस दवा बेचने पर 16 क्लीनिक सील

हरिद्वार। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सर्तकता बरत रही सोमवार को ड्रग कंट्रोल विभाग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में क्लीनिकों पर बड़ी छापेमारी को अंजाम दिया। छापेमारी के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बिना लाइसेंस दवा बेचने पर 16क्लीनिकों को सील कर दिया। क्लीनिक संचालकों को रजिस्ट्रेशन और ड्रग लाइसेंस प्रस्तुत करने के उपरांत ही क्लीनिक खोलने का नोटिस दिया गया है। कोरोना के संक्रमण के खतरे के बीच भी देहात और शहरी क्षेत्रों में धड़ल्ले से झोलाछाप मरीजों का इलाज कर रहे है। ऐसे में संक्रमण के संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी सी रविशंकर के निर्देश पर ड्रग कंट्रोल विभाग ने पहले शहरी क्षेत्र के शिवलोक ,और टिबड़ी में सात क्लीनिकों पर छापेमारी की। छापेमारी की खबर सुनते ही हड़कंप मच गया और कुछ झोलाछाप क्लिनिक छोड़ भाग खड़े हुए। वहीं टिबडी में तो एक झोलाछाप डाक्टर अपने पुत्र का बोर्ड लगा कर प्रेक्टिस करता मिला। बताते चले कि डॉक्टर सौरभ समददार जो की पौड़ी में सरकारी डाक्टर है। उसका पिता जो झोलाछाप डॉक्टर है वर्षो से प्रेक्टिस करता आ रहा है। शिकायत पर गत सप्ताह भी ड्रग इंस्पेक्टर ने चेतावनी दी थी। पर उसने नोटिस जा जवाब न देकर फिर से क्लीनिक खोल इलाज करना शुरू कर दिया और लोगो की जान जोखिम में डालने का काम कर रहा है। वहीं देहात क्षेत्र में रोशनाबाद हेतमपुर में भी 9 क्लीनिक पर कार्यवाही की। ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बताया कि देहात क्षेत्र में तो चार डॉक्टर बी ए एम एस मिले, जिन्होने अंग्रेजी दवाइयों का भंडारण कर रखा था और उनके पास फार्मासिस्ट भी नहीं मिला। जिस पर क्लीनिक सील कर दिया। कुछ झोलाछाप तो दूर दराज के इलाकों में बिना बोर्ड लगाए प्रेक्टिस करते मिले। ऐसे 5क्लीनिक भी सील कर दिए गए। ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बताया कि आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी।