इस बार नही होगा किसानों की समस्याओं पर चिन्तन,कोरोना की वजह से टला

हरिद्वार। कोविड़ 19 की वजह से इस बार किसान कुम्भ तीर्थनगरी में नही होगा। हलांकि सांकेतिक तौर पर हरिद्वार जिले के 11 किसान नेता एक बैठक कर करेंगे। बैठक में लिए गए निर्णय को राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा जाएगा। बताते चले कि पिछले कई वर्षो से जून में भारतीय किसान यूनियन की ओर से तीर्थनगरी में किसान सम्मेलन का आयोजन होता रहा है। इस दौरान किसानों की समस्याओं पर चर्चाएं होती है और भविष्य के लिए रणनीतियां बनाई जाती है। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इस बार हर साल होने वाला किसान सम्मेलन नहीं होगा। भारतीय किसान यूनियन ‘टिकैत का तीन दिवसीय किसान महाकुंभ 16 से 18 जून को होना तय था। किसान सम्मेलन वीआईपी घाट, लाल कोठी और रोड़ीबेलवाला स्थित महात्मा टिकैत घाट पर होना था। इसमें देशभर के किसान नेता हरिद्वार पहुंचने थे। यहीं से पूरे साल भर की रणनीति तैयार होनी थी। दिवंगत महेंद्र टिकैत ने हरिद्वार में किसान चिंतन शिविर की शुरुआत की थी। करीब 30 सालों से यह चला आ रहा था। इस साल भी किसान सम्मेलन 16 से 18 जून को तय हुआ था। लेकिन इस साल आई कोरोना महामारी के कारण इसको टालना पड़ा है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने यह फैसला लिया है। 16 से 18 जून हरिद्वार के वीआईपी घाट पर अब मात्र बैठक ही की जाएगी। जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने बताया कि 11 यूनियन के अध्यक्ष के आदेश पर 16 से 18 जून को बैठक का आयोजन कर आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। बाहर से किसी भी किसान नेता को आने को नहीं कहा गया है। हर साल की तरह आने वाले किसान नेता इस साल हरिद्वार नहीं आयेंगे।