बम बोले के जयघोष से गुंजने वाली धर्मनगरी में महाशिवरात्रि पर छाया रहा सन्नाटा

हरिद्वार। कांवड़ मेला और सोमवती स्नान पर्व पर रोक लगाये जाने के कारण रविवार को तीर्थनगरी में श्रावण महाशिवरात्रि पर्व के बाद भी सन्नाटा रहा। विभिन्न शिवालयों में पुलिसबलों की मौजूदगी के कारण जलाभिषेक करने में सफलता नही मिल सकी। लाॅॅकडाउन के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा,जबकि गंगा घाट सूने पड़े रहे। विभिन्न शिवालयों में भी शोर थमा रहा। हलांकि कुछ शिवालयों में श्रद्वालुओं ने प्रतीकात्मक पूजा अर्चना कर सुख-समृद्वि की कामना की। प्रदेश सरकार के प्द्वारा कावड़ मेला तथा सोमवती अमावस्या स्नान के पर्व पर रोक लगाए जाने व रविवार के लाॅकडाउन के चलते हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर सन्नाटा पसरा रहा। पिछले बरसों में इस दौरान बम बोले के जयघोष से गुंजने वाली धर्मनगरी में इस बार महाशिवरात्रि पर सन्नाटा छाया रहा। शिवालयों तथा मंदिरों में घंटे घड़ियालों की गुंज नहीं सुनाई दी। लाॅकडाउन के चलते पंचपुरी के सभी बाजार बंद रहे जिससे सड़कों पर सुनसानी छायी रही। सावन की शिवरात्रि पर धर्मनगरी के घाटों पर हमेशा दिखाई देने वाला लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा इस बार कहीं नजर नहीं आया। हरकी पैड़ी सहित तमाम घाटों व शिवालयों में सन्नाटा छाया रहा। सीमाएं सील होने व पुलिस की सख्ती के चलते बाहरी श्रद्धालु धर्मनगरी नहीं पहुंचे। बिल्केश्वर महोदव, दक्षेश्वर महादेव जैसे पौराणिक शिवालयों में भी सन्नाटा रहा। बेहद सीमित संख्या में स्थानीय श्रद्धालु ही जलाभिषेक के लिए मंदिरों में पहुंचे। लेकिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने का अवसर नही मिला। 


सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर रहेगी रोक
हरकी पैड़ी सहित सभी घाटों पर पुलिस का सख्त पहरा बैठाया गया है। सोमवती अमावस्या जैसे स्नान पर्वो पर हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्वालुओं का आगमन होता है। इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण के मददेनजर शासन द्वारा पहले ही कांवड़ मेला तथा सोमवती स्नान पर्व पर रोक लगाते हुए श्रद्वालुओं से स्नान के लिए नही आने की अपील की है। पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार लोगों से नही आने की अपील की जा रही है। इतना ही नही दो दिन पहले ही जनपद की सीमा को सील करते हुए अन्य प्रदेशों से आने वालों को रोका जा रहा है। इस बारे में प्रशासन द्वारा कहा गया है कि बाहर से आने वालों को उनके खर्चे पर क्वारंटाइन किया जायेगा। रविवार को महाशिवरात्रि तथा सोमवार को अमावस्या का स्नान पर्व होने के बाद भी गंगा घाटों पर वीरानी छाई रही।