लाॅकडाउन के पहले दिन बंद रहे बाजार,सार्वजनिक परिवहन,सड़को पर चलते रहे वाहन

हरिद्वार। प्रदेश सरकार द्वारा जनपद में दो दिवसीय लाॅॅक डाउन के पहले दिन तीर्थनगरी में शनिवार को लॉकडाउन का असर बाजारों के अलावा कहीं और नहीं देखने को मिला। सड़कों पर कमोवेश निजी वाहन अन्य दिनों की तरह ही चलते हुए दिखाई दिये,लेकिन सार्वजनिक परिबहन की सेवाएं बंद रही। वहीं ई-रिक्शा, ऑटो विक्रम बंद रहे। बाद में मोहल्लों में जाकर पुलिस ने सख्ती कर दुकानें बंद कराई। पुलिस ने पहले दिन कोई कार्रवाई न कर अनाउंसमेंट कर लोगों को जागरूक कर दुकानें बंद कराई। शहर में आवश्यक वस्तुओं की दुकानें पूरी तरह खुली रहीं। कोरोना वायरस के बढ़ते मामनले को देचखतजे हुए प्रदेश सरकार की ओर से हरिद्वार समेत चार जिलों में शनिवार और रविवार का लॉकडाउन किया गया है। शनिवार को पहले दिन हरिद्वार में जिलाधिकारी के आदेश पर बाजारों को पूरी तरह बंद किया गया। लेकिन इंडस्ट्री के अलावा जरूरी सामान की दुकानें और शराब की दुकानें खोलने के कारण शहर के मार्गों पर आवाजाही लगी रही। पुलिसकर्मी बैरियरों पर ड्यूटी करते तो दिखे लेकिन किसी को रोकने की जहमत तक उन्होंने नहीं उठाई। लोग बेरोक-टोक घूमते दिखाई दिये। ज्वालापुर और नगर कोतवाली पुलिस ने शनिवार को मोहल्लों में अनाउंसमेंट कराया कि शनिवार और रविवार को पूरी तरह मार्केट बंद रहेगा। लोग घरों से नहीं निकलेंगे। सिडकुल स्थित उद्योगों को राहत देने के बाद सुबह और शाम की भीड़ सिडकुल में नजर आई। हरिद्वार, ज्वालापुर, रानीपुर, सिडकुल और कनखल के मुख्य मार्गों पर लोगों की चहलकदमी होती रही। कनखल और हरिद्वार में कुछ लोग सुबह दुकान खोलकर बैठे हुए थे। जिन्हें पुलिस ने सख्ती के बाद बंद कराया। सब्जी की ठेली को भगाया सब्जी वालों के लिए कोई स्पष्ट आदेश न होने के कारण पुलिस भी परेशान नजर आई। कई जगह पुलिस ने सब्जी की ठेली वालों को दौड़ा दिया, तो कई जगह सब्जी वाले बिक्री करते हुए दिखाई दिये। शनिवार को सड़कों पर दिखने वाला नजारा साप्ताहिक बंदी की तरह ही नजर आ रहा था। जबकि इससे पहले लगे लॉकडाउन का नजारा कुछ ओर ही था। नगर क्षेत्र में सभी बैंक भी लॉकडाउन के चलते बंद रहे।