श्रावण के अन्तिम सोमवार को शिवालयों में उमड़ी श्रद्वालुओं की भीड़

हरिद्वार। सनातन मान्यताओं में पवित्र श्रावण मास का पांचवां और अंतिम सोमवार को तीर्थनगरी के विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्वालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके साथ ही देवो के देव महादेव की पूजा अर्चना के साथ ही पवित्र श्रावण मास का समापन हो गया। कहा जाता है कि श्रावण मास के अन्तिम सोमवार को महादेव अपनी सुसराल कनखल दक्षेश्वर मंदिर से कैलाश के लिए रवाना हो गए। कहा जाता है कि श्रावण का महीना भगवान शिव को विशेष प्रिय है। ऐसे में श्रावण में महादेव की पूजा और उपासना का विशेष महत्व होता है।  कई ज्योतिर्विदों के अनुसार इस बार श्रावण का आखिरी सोमवार भी कई मायनों में खास है। श्रावण के आखिरी सोमवार को प्रीति और आयुष्मान योग बना था। मान्यता है कि इस शुभ संयोग में पूजा करने से पूजा का फल दोगुना मिलता है। मान्यता है कि भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। श्रावण के आखिरी एवं पांचवे सोमवार को तीर्थनगरी के विभिन्न मंदिरों में स्थानीय श्रद्वालुओं की भारी भीड़ रही। हलांकि कोरोना संक्रमण के कारण इस बार श्रद्वालुओं के जलाभिषेक करने के दौरान कई तरह की पाबंदियों को लगाया था,लेकिन फिर भी नगर के ऐतिहासिक दक्षेश्वर महादेव मन्दिर, बिल्वकेश्वर, नीलेश्वर, दरिद्र भंजन, शिव मंदिर, गुप्तेश्वर, पीपलेश्वर समेत अन्य शिवालयों में बड़ी संख्.या में श्रद्वालुओं ने जलाभिषेक किया। इस दौरान विभिन्न शिवालयों में सुरक्षा के भी खास इंतजामात किये गये थे।