वेतन कटौती बंद करने सहित अन्य मांगों को लेकर चिकित्सों ने काली पटट््ी बांधकर जताया विरोध

हरिद्वार। कोरोना काल के दौरान वेतन कटौती सहित अन्य कई मांगो को लेकर चिकित्सको ने भी विरोध जता दिया है। चिकित्सकों ने विरोध के तौर काली पटट्ी बांधकर कार्य करते हुए एक सप्ताह का समय सरकार को दिया है। इस मामले में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के बैनर तले जिला शाखा द्वारा हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। कोरोना काल में चिकित्सकों की वेतन कटौती, पीएमएस स्टाफ को पीजी करने के लिए पूरा वेतन दिए जाने सहित कई मांगों को लेकर चिकित्सक लामबंद हो गए हैं। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के संरक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि चिकित्सक विपरीत परिस्तिथियों में दिन रात कोरोना संक्रमितों की सेवा में लगे हैं। बावजूद हमारा शोषण किया जा रहा है। अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की जान बचाने वाले चिकित्सकों को प्रोत्साहन राशि देना तो दूर उल्टा उनका वेतन काटा जा रहा है। संघ के अध्यक्ष डॉ. शशिकांत ने कहा कि ड्यूटी पर लगे पीएमएस के पीजी करने वाले चिकित्सकों को पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है। अन्य चिकित्सकों की तरह उन्हें भी पूर्ण वेतन दिया जाए। डॉ. शशिकांत ने कहा कि अस्पताल में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी आकर ड्यूटी दे रहे चिकित्सकों के कार्य में हस्तक्षेप करने लगता है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे हस्तक्षेप पर तत्काल अंकुश लगाया जाए। जसपुर में विधायक द्वारा चिकित्सक के साथ की गई अभद्रता के खिलाफ कारवाई की जाए। जब तक यह मांगें नहीं मानी जाती विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। विरोध करने वालों में डॉ. राम प्रकाश, डॉ. चंदन मिश्रा, डॉ. संदीप टंडन, डॉ. हितेन जंगपांगी, डॉ. पंकज, डॉ. उदय शंकर बलूनी, डॉ. पीके दूबे, डॉ. प्रणव प्रताप सिंह, डॉ. सुब्रत अरोड़ा आदि शामिल थे।


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