एक माह बाद हर की पैड़ी पर गंगाजल आने से लौटी रौनक

हरिद्वार। आखिरकार एक माह बाद हर की पैड़ी पर जलविहीन गंगा में जल आने से रौनक लौट आयी है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ विक्रांत कुमार ने बताया कि दीपावली की रात यानी 14-15 नवंबर की मध्य रात्रि को गंग नहर में पानी छोड़ा गया। बार्षिक मरम्म्त के साथ साथ कुम्भ मेला कार्यो से सम्बन्धित निर्माण कार्यो के चलते बंद की गई ऊपरी गंगनहर को शनिवार रात खोल दिया गया। वार्षिक बंदी के दौरान जहां नहर में होने वाले मरम्मत और सफाई कार्य को पूरा किया गया वहीं कुंभ के लिए बनाए जा रहे घाटों का बेस भी तैयार किया गया।  15 अक्तूबर को बंद की गई ऊपरी गंग नहर में वार्षिक बंदी के दौरान पथरी पावर हाउस पर पूरे साल में जमा हुई सिल्ट को साफ किया गया। बरसात के दौरान इस स्थान पर भारी मात्रा में रेत जमा हो जाती है जिससे नहर का लेवल बढ़ जाता है। इसके साथ बैराज की मरम्मत, रंगाई पुताई और यूपी सिंचाई विभाग के अधीन आने वाले गंगा घाटों की मरम्मत का कार्य पूर्ण किया गया। इस बार की गंगा बंदी आगामी कुम्भ को लेकर भी खासी महत्वपूर्ण थी। इस दौरान गंगनहर में जहां कई घाटों का बेस तैयार होना था वहीं गंगा में पड़ने वाले पुलों की रंगाई पुताई और कई घाटों पर एकत्र हुए रेत को हटाया जाना था। कार्य अधिक होने के कारण ही इस बार गंगा बंदी 20 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन की गई थी। इन तीस दिनों में तमाम कार्यों को काफी तेजी के साथ दिन रात कार्य कर पूरा किया गया। एक महीने की बंदी के बाद गंगनहर को खोल दिया गया है। इससे एकबार फिर गंगा जल घाटों तक पहुंचने लगा है। ऊपरी गंग नहर में मध्य रात्रि 12 बजे के बाद पानी छोड़ा गया।