कुंभ के आयोजन को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर नहीं -श्रीमहंत रघुमुनि

हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्रीमहंत रघुमुनि महाराज ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कुंभ के आयोजन को लेकर गंभीर नहीं है। कुंभ मेले से जुड़ी व्यवस्थाएं धरातल पर कहीं भी नजर नहीं आ रही हैं। कोरोना महामारी व भीड़ को मुद्दा बनाकर श्रद्धालु भक्तों व संतों की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रैस को जारी बयान में श्रीमहंत रघुमुनि महाराज ने कहा कि बिहार की चुनावी रैलियों में लाखों की भीड़ उमड़ती रही। इस पर सरकार की ओर से कोई एतराज नहीं किया गया। लेकिन कुंभ मेले के आयोजन में श्रद्धालुओं की भीड़ आने पर कोरोना महामारी फैलने का अंदेशा जताकर कुंभ मेले का आयोजन सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसे संत समाज किसी भी सूरत में नहीं मानेगा। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला सनातन धर्म व भारतीय परंपरांओं की अद्भूत पहचान है। धार्मिक क्रियाकलापों पर किसी भी प्रकार का अंकुश बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कंुभ मेला किसी एक संप्रदाय का नहीं है। देश विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं कुंभ मेले से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज कुंभ की व्यवस्थाएं देकर कुंभ मेले को सकुशल संपन्न कराया और दीपावली पर अयोध्या में लाखों दीपक जलाए। उसी प्रकार राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी हरकी पैड़ी क्षेत्र को लाखों दीपक से सजाना चाहिए। परंतु मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत में धर्म व गंगा के प्रति कोई आस्था नहीं नजर आती है। कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि सनातन परंपरांओं का संगम महाकुंभ मेले में देखने को मिलेगा। सरकार को कार्ययोजनाएं बनाकर कुंभ की व्यवस्थाओं में युद्ध स्तर पर जुट जाना चाहिए। सरकार को श्रद्धालु भक्तों की भावनाओं को देखते हुए कुंभ मेला सकुशल संपन्न कराने की तैयारियां करनी चाहिए। संत समाज सरकार के दिशा निर्देशों में अपना भरपूर सहयोग करेगा।