किसान आंदोलन को तरह तरह के हथकंडे अपनाकर बदनाम करने की कोशिशें की जा रही-.चैहान

हरिद्वार। किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अंकित चैहान के संयोजन में ज्वालापुर स्थित जामा मस्जिद तिराहे पर कृषि कानून को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव अंकित चैहान ने कहा कि 17 दिन बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार कृषि कानून को वापस नहीं ले रही है। केंद्र सरकार हठधर्मिता कर रही है। उन्होंने कहा कि देश का अन्नदाता कड़ाके की ठण्ड में सड़कों पर कृषि कानून वापस लेने की मांग कर रहा है। लेकिन सरकार लगातार किसानों की मांगों को दरकिनार कर रही है। कृषि कानून जब किसानों के हित में नहीं है तो सरकार को तत्काल कानूनों को रद्द करना चाहिए। देश का किसान देश की आर्थिक रीढ़ होता है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों की मांगों का अवश्य संज्ञान लेना होगा। अंकित चैहान ने कहा कि आंदोलन को तरह तरह के हथकंडे अपनाकर बदनाम करने की कोशिशें की जा रही हैं। विपक्ष पर भी कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। किसान कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उत्तराखण्ड का किसान भी राज्य की त्रिवेंद्र सरकार से खुश नहीं है। कांग्रेस के युवा नेता शहाबुद्दीन अंसारी ने कहा कि देश का अन्नदाता देश के नागरिकों का पेट भरने का काम करता है। सरकार को सकारात्मक रवैया अपनाते हुए कृषि कानून को रद्द करना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा कृषकों की आय दोगुनी करने की बात पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। आंदोलन से आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसान मात्र कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। सरकार को बड़ा दिल दिखाते हुए किसानों की मांग को पूरा करना चाहिए। राजू कश्यप ने चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार को जल्द से जल्द कृषि कानून को रद्द करना चाहिए। वरना उत्तराखण्ड में भी किसानों के हितों में आदोलन चलाया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में सिराज, नौशाद, नरेश कुमार, सोनू, राजू गौड़, रोहित, रिहान, लाबिर हुसैन, शाहनवाज राणा, शमीम, मुजम्मिल, आमीश, होमर आदि शामिल रहे। 


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