विभिन्न मांगो को लेकर टेªड यूनियनों के बैनर तले रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन,सौंपा ज्ञापन

 

हरिद्वार। केन्द्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में विभिन्न ट्रेड यूनियनों द्वारा सरकार की नीतियों के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन कर रैली निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को 13 सूत्रीय ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। इस दौरान भेल श्रमिक नेताओं ने कहा कि सरकार कॉरपोरेट घरानों का लाभ पहुंचाने के लिए श्रमिक विरोधी कानून लागू कर रही है,उन्हें तुरंत निरस्त किया जाए। वक्ताओं ने मांग की कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। आम लोगों के लिए जारी सावर्जनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाया जाए,जिससे बढ़ती महंगाई पर रोक लग सके। सरकार रोजगार उत्पन्न करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। मांग की गयी है कि केंद्र एवं राज्य सरकारों के कार्यालयों में कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक को समाप्त किया जाए। श्रमिक नेताओं ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए न्यूनतम वेतन 21हजार रुपए प्रतिमाह करने और ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर समान कार्य के लिए समान वेतन कामगारों को दिये जाने की मांग की। सभी कामगारों को 10 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन दिए जाने और बोनस एवं ग्रेच्युटी वेतन भुगतान आदि पर लगायी गयी सीलिंग को समाप्त कर सभी कामगारों को भविष्य निधि का लाभ दिये जाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में श्रमिक नेता राजबीर चैहान, अमरीश चैहान, आशुतोष चैहान, संदीप चैहान, देवेंद्र, मनोज यादव, मुकेश कुमार, पंकज कुमार, नवीन कुमार, ब्रजमोहन पटवाल, राजेंद्र रावत, विक्रांत पटवाल, करण सिंह, सुनील कुमार, इफ्तेकार हसन, विवेक कुमार, उमेश कुमार, गजेंद्र, संजय, प्रदीप, रेशु चैहान, अनंगपाल, विकास प्रताप, नरेश, पवन कुमार, अमरजीत, गौरव ओझा, पंकज शर्मा, सचिन, मनीष सिंह, परमाल सिंह, विकास चैधरी, नईम खान, घनश्याम, अरूण, गजेंद्र, चंदभूषण, हिमांशु, अवधेश, देवी प्रसाद, रोहित, अमृत गोपाल, केपी सिंह, सतीश, आरसी धीमान, इमरत सिंह, अशोक चैधरी, वीरेंद्र कुमार, रामजीत, जेपी वर्मा, वसीम अहमद, कदम सिंह, आरके बड़ोनी, सुरेशचंद, आशीष, रोबिन, अरूण, राजेश, विमल, राहुल आदि शामिल रहे।