स्नान पर्व पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात रहे,पुलिस अधिकारी लगातार जायजा लेते रहे

हरिद्वार। मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। हरकी पैड़ी के चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात रहे। एनएसजी की एक टीम भी हरकी पैड़ी पर मुस्तैद रही। पुलिस और प्रशासन के के अधिकारियों ने गंगा घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्नान पर्व पर सुरक्षा की दृष्टि से मेला क्षेत्र को नौ जोन व 25 सेक्टरों में बांटा गया। हर जोन में अपर पुलिस अधीक्षक और सेक्टरों में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी बतौर प्रभारी नियुक्त रहे। कुम्भ मेला पुलिस की माने तो मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर विभिन्न प्रांतो से आये लगभग 03 लाख 76 हजार श्रद्धालुओं द्वारा आरती के समय तक हर की पैड़ी सहित कुम्भ क्षेत्र के अन्य समस्त घाटों पर पवित्र डुबकी लगाकर पुण्यलाभ अर्जित किया गया। कुम्भ मेला पुलिस बुधवार की शाम से ही अपनी ड्यूटी पर तैनात हो गई थी। यद्यपि इस स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या में कोरोना संक्रमण और चमोली में हुई ग्लेशियर खिसकने की घटना का काफी प्रभाव दिखाई दिया। बुधवार की मध्य रात्रि से ही हर की पैड़ी एवं अन्य घाटों पर स्नानार्थियों का आवागमन शुरू हो गया था। प्रातः काल में सूर्योदय के साथ जैसे-जैसे मौसम में साफ खिली धूप के कारण गर्माहट बढ़ती गई, वैसे-वैसे ही मेला क्षेत्र के होटल, धर्मशालाओं, लॉज, आश्रमों में ठहरे हुए श्रद्धालु और स्थानीय लोग गंगा स्नान के लिये घाटों पर पहुंचने लगे। देर रात से ही हरिद्वार सीमा में भी वाहनों के आने की दर में लगातार वृद्धि होने लगी और चमगादड़ टापू और पावनधाम की वाहन पार्किंग वाहनों से भरने लगी। यातायात एवं पार्किंग ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल द्वारा यातायात योजना और उच्चाधिकारीगण के निर्देशों के अनुसार ही वाहनों को निर्धारित चमगादड़ टापू और पावन धाम पार्किंग तक पहुंचाया गया। घाटों, गलियों तथा पैदल मार्ग पर लगे पुलिस बल द्वारा पैदल यातायात व्यवस्था का पालन सुनिश्चित कराते हुए स्नानार्थियों को स्नान घाटों तक पहुंचने में सहायता की गई। स्नान पर्व पर नागरिक पुलिस के कुल 1635 अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। बीएसएफ की तीन कंपनी, सीआइएसएफ की दो कंपनी, सीआरपीएफ की तीन कंपनी, आइटीबीपी की दो कंपनी व एसएसबी की दो कंपनियों ने भी पुलिस के साथ मिलकर स्नान पर्व पर सुरक्षा घेरे को मजबूत किया। इनके अलावा उत्तराखंड पीएसी की पांच कंपनी व दो प्लाटून, एसडीआरएफ की दो टीमों के अलावा पहली बार एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स) की एक टीम भी हरकी पैड़ी पर मुस्तैद रही। एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) की दो टीम, यातायात पुलिस के 153 अधिकारी-कर्मचारी और अभिसूचना इकाई के 47 अधिकारी-कर्मचारी भी सुरक्षा के मद्देनजर लगाए गए। खास बात यह है कि शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए चैक-चैराहों पर भी पुलिसकर्मियों के साथ पैरा मिलिट्री के जवान लगाए गए। कुंभ मेला आइजी संजय गुंज्याल, जिलाधिकारी सी रविशंकर, मेला एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी, एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस, एसडीएम सदर गोपाल चैहान, एसपी कुंभ सुरजीत सिंह पंवार, एसपी क्राइम व यातायात प्रदीप राय, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ यातायात कुंभ प्रकाश देवली ने गंगा घाटों का भ्रमण कर मौके पर ही दिशा-निर्देश दिए। मेला क्षेत्र में सतर्क दृष्टि बनाए रखने के लिये वर्तमान में मैपिग किए गए 1150 निजी व संस्थागत कैमरों के साथ-साथ 96 पुलिस कैमरों का प्रयोग भी किया गया। इनके अलावा आतंकवादी घटनाओं के दृष्टिगत बम निरोधक दस्ते की सात टीमें और घुड़सवार पुलिस की टीम नौ स्थानों पर तैनात रही। मेले के दौरान अग्निकांड से सुरक्षा के लिए अग्निशमन पुलिस की 15 टीमें हरिद्वार में और पांच टीमें ऋषिकेश क्षेत्र में संवेदनशील स्थानों पर समस्त अग्निशामक उपकरणोंध्वाहनों सहित 24 घंटे नियुक्त रही।


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