पूरे धूमधाम व पारम्परिक तरीकों से निकली तीनों वैष्णव अनी अखाड़ों की पेशवाई

 हैलीकाॅप्टर से सामाजिक संगठनों व श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर किया संतों का स्वागत

हरिद्वार। कमल मिश्रा- अखिल भारतीय श्रीपंच निर्वाणी अणि अखाड़ा, अखिल भारतीय श्रीपंच दिगंबर अणि अखाड़ा व अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अणि अखाड़ा की ओर से निकाली गई पेशवाई ंका मंगलवार को मेलाधिकारी दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने तुलसी चैक पर स्वागत किया। उन्होंने साधु-संतों को फूल माला पहनाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।  मंगलवार को पेशवाई भूपतवाला स्थित दुर्गादास आश्रम से प्रारंभ हुई। इसके बाद पेशवाई सूखी नदी, खड़खड़ी, भीमगोड़ा, हर की पैड़ी, अपर रोड, रेलवे रोड, शिव मूर्ति होते हुए तुलसी चैक पहुंची। जहां मेलाधिकारी दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल आदि ने अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़ा के अध्यक्ष श्री महंत राजेंद्र दास जी, श्री पंच दिगम्बर अणि अखाड़े के श्री महंत रामजी दास, श्री पंच निर्वाणी अखाड़े के श्री महंत कृष्णदास जी, बाबा हठयोगी, श्री महंत धर्मदास जी, श्री महंत मोहनदास जी आदि का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। पेशवाई में शामिल साधु संतों पर हेलीकाॅप्टर से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। तीनों वैष्णव अणि अखाड़ों की पेशवाई मंगलवार को भूपतवाला वैष्णो देवी शक्ति पीठ से धूमधाम के साथ निकाली गई। पेशवाई में भव्य झाॅकियों,के साथ साथ आकर्षक बैंड बाजों से सुसज्जित लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी रही। इस दौरान पूरे मार्ग में बड़ी संख्या में लोगों ने जगह जगह भव्य स्वागत किया।  पेशवाई खड़खड़ी से हरकी पैड़ी, अपर रोड़, वाल्मिीकि चैक, शिवमूर्ति, तुलसी चैक,  शंकराचार्य चैक से होती हुई बैरागी कैंप पहुंची। पेशवाई के दौरान बैरागी संतों का कई सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय लोगों ने जगह-जगह फूल वर्षा कर स्वागत किया। पेशवाई पर हेलीकॉप्टर से की गयी पुष्प वर्षा ने सभी का मन मोह लिया। इस दौरान अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन कुंभ मेला भारतीय संस्कृति की धरोहर है और वैष्णव संत कुंभ मेले की शान हैं। जो सनातन संस्कृति का निर्वहन करते हुए भारतीय परंपराओं को देश दुनिया में प्रसारित कर रहे हैं। वैष्णव अखाड़ों की गौरवशाली परंपरा विश्व विख्यात है जो भारत को महान बनाती है। कुंभ मेले के दौरान पतित पावनी मां गंगा का अमृत समान जल हर किसी को पापों से मुक्त कर सुख समृद्धि प्रदान करता है। जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि कुंभ मेले का विशाल आयोजन पूरे विश्व के लिए एक सकारात्मक धर्म का संदेश प्रसारित करता है। अखाड़े के संतों की तप तपस्या विश्व की खुशहाली का माध्यम है। उत्तराखंड की पावन देव भूमि और पतित पावनी मां गंगा के तट पर संतों का सानिध्य सौभाग्यशाली व्यक्ति को ही प्राप्त होता है। अखिल भारतीय श्रीपंच निर्वाणी अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास महाराज ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान देश दुनिया से आने वाले तपस्वी संत अपने अनंत ज्ञान के द्वारा आमजन में अध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार करते हैं। उनके द्वारा की गई भगवान की आराधना निश्चित तौर पर भी को सहस्त्र गुणा पुण्य फल प्रदान करती है। अखिल भारतीय श्रीपंच दिगंबर अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत कृष्णदास नगरिया महाराज ने कहा कि श्रद्धा से परिपूर्ण और मनोहारी पर्व कुंभ मेला भारतीय संस्कृति की पहचान है। जो पूरे विश्व में एकता एवं अखंडता को बनाए रखता है। विदेशी श्रद्धालु भक्त भी कुंभ मेले की आलोकिक की छवि से प्रभावित होकर सनातन धर्म को अपना रहे हैं। जो पूरे भारत के लिए गौरव की बात है। महंत गौरी शंकर दास महाराज ने कहा कि कुंभ मेला हिंदुओं की आस्था और एकता को दर्शाने वाला एवं धार्मिक मान्यताओं को प्रदर्शित करने वाला महापर्व है। कुंभ मेले में पेशवाई के दौरान वैष्णव संतो के दर्शन मात्र से भक्तों का कल्याण हो जाता है। देश दुनिया से आने वाले तपस्वी संत सभी को आशीर्वाद प्रदान कर विश्व कल्याण की कामना करते है।ं यही कुंभ मेले का मुख्य महत्व है। पेशवाई के दौरान चतुर संप्रदाय के श्रीमहंत फूलडोल दास, श्रीमहंत रासबिहारी दास, महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा, निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर कैलाश मानव, जगन्नाथ मंदिर अहमदाबाद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर दिलीप दास, ट्रस्टी महेंद्र भाई झा, महंत रामप्रवेश दास, महंत मनमोहन दास, महंत रामजी दास, महंत रामशरण दास, श्रीमहंत दिनेश दास, श्रीमहंत शंकर दास, श्रीमहंत हरिओम दास, श्रीमहंत सनत कुमार दास, श्रीमहंत महेंद्र दास, तेरह भाई त्यागी के महंत बृजमोहन दास, महंत मनीष दास, महंत सुखदेव दास, महंत रामदास, महंत राम किशोर दास शास्त्री, महंत मोहन दास, महंत भगवान दास खाकी, महंत विष्णु दास, महंत रघुवीर दास, महंत प्रह्लाद दास, महंत प्रेमदास, महंत अरुण दास, महंत सूरज दास, महंत सुमित दास, महंत बाबा हठयोगी, अवध बिहारी दास सहित बड़ी संख्या में वैरागी संत उपस्थित रहे। जबकि विश्व हिन्दू परिषद के अंतराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश जी, अशोक तिवारी, अपर मेलाधिकारी डाॅ0 ललित नारायण मिश्र, हरबीर सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया।