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वैक्सीनेशन वाले क्षेत्रों में विशेष वैक्सीनेशन कैम्प तीन दिन के भीतर लगाने के निर्देश


 हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय में डेंगू की रोकथाम एवं कोविड-19 वैक्सीनेशन की प्रगति के सम्बन्ध में एक बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से हरिद्वार जनपद में अब तक कुल कितना वैक्सीनेशन हुआ है, कितने लोगों को पहली डोज तथा कितने लोगों को दूसरी डोज लग गयी है आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी ली। जिलाधिकारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नारसन ब्लाक, लक्सर, भगवानपुर तथा इमलीखेड़ा के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि इन क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की गति धीमी है। उन्होंने अधिकारियों को नारसन ब्लाक, लक्सर, भगवानपुर तथा इमलीखेड़ा के जिन गांवों में वैक्सीनेशन की गति कम है, वहां के दस-दस गांवों को चयनित कर विशेष वैक्सीनेशन कैम्प तीन दिन के भीतर लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विशेष वैक्सीनेशन कैम्प के साथ ही सामान्य वैक्सीनेशन भी चलता रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की कहीं कोई कमी नहीं है। जिलाधिकारी ने बैठक में मलेरिया अधिकारी से डेंगू के सम्बन्ध में जानकारी ली। उन्होंने खासतौर पर समाचार पत्र में प्रकाशित सात लोगों की रैपिड जांच में डेंगू होने की रिपोर्ट पर जानकारी ली। इस पर मलेरिया अधिकारी ने बताया कि डेंगू की आशंका वाले सात मरीजों की एलाइजा जांच कराई गयी, जिसमें से केवल एक व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि केवल एक ही व्यक्ति वर्तमान में डेंगू का मरीज है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि घरों में डोर-टू-डोर चेकिंग की जाये। अगर किसी के भी यहां पानी रूका हुआ पाया जाता है तथा उसमें डेंगू का लार्वा पाया जाता है, तो ऐसे लोगों का चालान काटकर जुर्माना लागया जाये। उन्होंने यह भी निदेश दिये कि होटलों, धर्मशालाओं, कूलरों, पानी की टंकी, गमलों आदि में अगर रूका हुआ पानी पाया जाता है तो ऐसह परिस्थितियां पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाये। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जल संग्रह वाले जितने भी स्थान हैं, उनका चिह्नीकरण किया जाये तथा उनको बन्द किया जाये तथा ऐसे स्थानों में लार्वानासी का छिड़काव किया जाये। इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि वन विभाग के वृक्षारोपण वाले क्षेत्रों में डेंगू प्रजनन वाले स्थलों का निस्तारण किया जाये। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की टीम मिल कर चालान की कार्रवाई करेंगे। उन्होंने जन-सामान्य से अपील की कि डेंगू की रोकथाम में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि डेंगू का लार्वा किसी भी हालत में पनपना नहीं चाहिये।इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी एस0के0 झा, एसीएमओएच0डी0 शाक्य, मलेरिया अधिकारी गुरूनाम सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।


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