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पुरानी पेंशन बहाली की माॅग को लेकर काली टोपी पहनकर किया प्रदर्शन

 हरिद्वार। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली को करने को लेकर शुक्रवार को काला दिवस घोषित कर काला फीता, काला मास्क और काली टोपी पहन कर प्रदर्शन किया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, लेब टेक्नीशियन एसओ के प्रदेश सचिव महावीर चैहान, प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज वर्मा, अध्यक्ष सुरेश बेलवाल उपाध्यक्ष प्रदीप मौर्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य राजेंद्र तेश्वर जिला मंत्री राकेश भंवर के नेतृत्व में काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया गया और कहा कि जब तक पेंशन बहाली नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। डॉ. रविंद्र चैहान फार्माशिस्ट संवर्ग से कमलेश कुमार, वरिष्ठ सदस्य सुरेश चंद्र, मुलचंद चैधरी ने कहा कि अधिकारी कर्मचारियों के साथ हमेशा से नाइंसाफी होती आ रही है जबकि कोरोना महामारी में कर्मचारी व अधिकारियों ने अपने परिवार की परवाह न करते हुए रोगियों की सेवा की। लेकिन उसका प्रतिफल सरकार ने कुछ नहीं दिया। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेडा ने कहा कि संघ हमेशा से ठेका प्रथा और संविदा का विरोध करता रहा है। जैसे बीती 30 सितंबर को गुरुकुल में कार्यरत पीआरडी कर्मी रवि की दुर्घटना में मौत होने के कारण आज उसके बच्चे व परिवार असहाय हो गया है। सरकारी सेवा में कम से कम मृतक आश्रित में सेवा का मौका और पेंशन का प्रावधान था जो बिल्कुल समाप्त कर दिया गया है। संघ ने मृतक के गुजर बसर के लिए 20 लाख का मुआवजा दिए जाने और उसकी पत्नी को उसकी जगह सेवा में लिए जाने की मांग की है। प्रर्दशन करने वालों में डॉ. रविंद्र महावीर चैहान, नरेंद्र चैहान, प्रदीप मौर्य, राजेन्द्र तेश्वर, सुरेश, मूलचंद चैधरी, कमलेश कुमार,महेश कुमार, रजनी आदि शामिल रहे।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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