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हरियाणा की महिला ने फाॅसी लगाकर कर ली आत्महत्या

 हरिद्वार। नगर कोतवाली क्षेत्रान्गर्त उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र स्थित एक गेस्ट हाउस में ठहरी अंबाला हरियाणा की महिला ने फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि आत्महत्या करने वाली महिला जो पेशे से शिक्षिका है, ने अपनी तीन साथी शिक्षिकाओं पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है। कोतवाली पुलिस की सूचना पर मृतका के परिजन यहां पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि पिछले एक अक्टूबर से गेस्ट हाउस में ठहरी शिक्षिका के कमरे का दरवाजा न खोलने की सूचना पर कोतवाली प्रभारी राकेंद्र कठैत, एसएसआई अरविंद रतूड़ी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने धक्का देकर जब दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो देखा कि लाल रंग की नॉयलान की रस्सी के फंदे के सहारे शिक्षिका का शव झूल रहा था। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को मौके से दो पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है। मृतका की पहचान सविता 46 वर्ष पत्नी नरेश निवासी 82 ग्रेटर कैलाश कालोनी जंदली अंबाला सिटी हरियाणा के रूप में हुई। पुलिस की प्रारम्भिक जांच में कहा गया है कि एक पॉलटेक्निक कालेज में कार्यरत रही शिक्षिका ने अपनी तीन सहकर्मियों पर उत्पीड़न समेत गंभीर आरोप लगाए हैं। वह चार दिन पूर्व ही यहां आई थी और सोमवार को उसे वापस लौटना था। सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह के अनुसार सुसाइड नोट के अलावा कई अन्य पन्नों में अलग-अलग बातें महिला ने लिखी हैं। वह परिजन को यह कहकर आई थी वह घूमने जा रही है। बहरहाल मृतक महिला के परिजन यहां पहुंच रहे हैं। परिजनों के यहां पहुचने पर ही उत्पीड़न से जुड़ी जानकारी सामने आ सकेंगी।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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