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चालीस साल से शौकीनों को पुराने सिक्के बेच रहे शंकर के पास है सिक्कों को बड़ा संग्रह

 


हरिद्वार। टीवी पर आने वाले विज्ञापन में हम सब हीरो को कहते सुनते हैं कि शौक बड़ी चीज है। यह पूरी तरह सच है कि शौक भी एक बड़ी चीज होती है। बेशकीमती चीजों को कलेक्ट करना भी एक बड़ा शौक है। दुनिया में बहुत सारे लोग पुराने सिक्के जमा करने का शौक रखते हैं। ऐसे लोगों के पास बेहद पुरान ओर दुर्लभ सिक्के मिल जाते हैं। सिक्के इकठ्ठे करने के शौकीन तरह-तरह के सिक्के सहेज कर रखते है। सवाल यह है कि चलन से बाहर हो चुके पुराने सिक्के उन्हें मिलते कहां से है। हरिद्वार में विष्णु घाट पुल पर शंकर 40 वर्षों से लगातार पुराने सिक्कों को बेच रहे हैं। शंकर के पास पुराने सिक्कों को अच्छा संग्रह है। लेकिन शंकर सिक्कों का कलेक्शन बिक्री के लिए करते हैं। शंकर बताते हंै कि पुराने सिक्के शौकीन लोग खरीदते हैं। उनके पास मुगल और ब्रिटिश काल के सिक्के भी हैं। जिनकी कीमत हजारों रुपए में हैं। वैसे चलन से बाहर हो चुके सिक्कों का बाजार मूल्य शून्य है। लेकिन बेहद पुराने होने की वजह से शौकीन इन्हे भारी कीमत पर भी खरीदने के लिए तैयार रहते हैं। शंकर कहते हैं कि जब लोग पुल से गुजरते हैं तो पुराने सिक्कों को देखने के लिए रूक जाते हैं। इनमें जो पुराने सिक्के संग्रह करने का शौक रखते हैं। वह ऐसे सिक्के अवश्य खरीदते हैं। शौकीनों को उन्होंने मुगल एवं ब्रिटिश काल के तांबे व पीतल से बने सिक्कों के अलावा सोने की दमड़ी और चांदी के सिक्के भी बेचे हैं। लेकिन इस समय इनके पास तांबे व पीतल के पुराने सिक्के हैं। जिन्हें वे 40 वर्षों से लगातार विष्णु घाट पर बेचते हैं। शंकर ने बताया कि दिल्ली, कोलकाता, मुंबई में पुराने सिक्कों एवं नोटों की प्रदर्शनी लगाई जाती है। जिनमें उनकी कीमत लाखों करोड़ों रूपए तक होती है। देखने में पुराने सिक्के बेहद साधारण से ही दिखते हैं। लेकिन यह बहुत ही बेशकीमती होते हैं। सिक्कों का संग्रह करने वाले लोग इन्हें महंगे दामों पर भी खरीदने के लिए तैयार रहते हैं। 


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