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सैन्य कल्याण मंत्री ने शहीदों और उनके परिजनों को ताम्रपत्र और शॉल भैंट कर सम्मानित

भारत माता के अमर शहीदों का सम्मान, राष्ट्र का सम्मान: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।


 हरिद्वार। पूरे प्रदेश में जारी ‘‘शहीद सम्मान यात्रा’’ के हरिद्वार जनपद पहुंचने पर आज रूड़की के प्रसिद्ध नेहरू मैदान में सैन्य कल्याण मंत्री, गणेश जोशी द्वारा शहीदों और उनके परिजनों को को ताम्रपत्र और शॉल भैंट कर सम्मानित किया। शहीद सम्मान यात्रा के दौरान शहीदों के आंगन की पवित्र मिट्टी को भी एकत्र किया गया। कार्यक्रम के दौरान शहीद नायक बच्चीराम डोबरियाल,रायफलमैन मनोज सिंह,सिपाही महेन्द्रपाल सिंह,सिपाही ब्रिजपाल सिंह,शौर्य चक्र विजेता हवलदार जयपाल सिंह, नायक राधेश्याम,सुबेदार राजे सिंह,सैपर प्रमोद कुमार, लांसनायक हरबीर गिरि तथा पारस नाथ के परिजनों को सम्मानित किया गया। राज्य के इतिहास में पहली बार सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी की पहल पर सैनिक कल्याण विभाग तथा जिला प्रशासन के सहयोग से शहीद सम्मान यात्रा संचालित की जा रही है। सैन्यधाम के निमार्ण में प्रयोगार्थ राज्य के समस्त 1734 शहीदों के आंगन की पवित्र मिट्टी एकत्र की जा रही है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि, पतित पावनी, युग तारिणी मां गंगा के पावन, शीतल और अमृतमयी जल का आचमन करते हुए जनपद के 09 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हॅू।धान, गेहूं, गन्ना, तिलहन और दलहनों की लहलहाती फसलें और ताजे गुड की मिठास देने इस कृषि प्रधान क्षेत्र की अलग ही महिमा है। यह धरती देश को खाद्यान्न, ही नहीं वरन देश और दुनिया में अपनी तकीनीकी दक्षता की छाप छोड़ने वाले आई0आई0टी0 जैसे संस्थान देती है। इंजीनियरिंग की यही आबो-हवा भारतीय सेना के सबसे बड़े अभियांत्रिकी और तकनीकी दक्षता के बेड़े बंगाल इंजीनियरिंग का भी गढ़ है। सेना के जवान लगातार राष्ट्र रक्षा में तैनात रहते हैं और राष्ट्र रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने से कतराते नहीं ऐसे वीर सैनिकों को वह नमन करते हैं, अपने प्राणों का बलिदान देने वाले यह वीर राष्ट्र का गौरव हैं और किसी भी शहीद को वापस लाना उनके बस में नहीं है, लेकिन उनके सम्मान के लिए हमेशा से कार्य करते रहे हैं और हमेशा करते रहेंगे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम में अभिषेक चन्द्रा, प्रवीन सिंधू, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, हरेन्द्र गर्ग, कर्नल आरएल थापा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, सैकड़ों पूर्व सैनिक एवं उनके परिजन भी मौजूद रहे।


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