Skip to main content

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया सेवा शिविर का आयोजन

 


हरिद्वार। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा के संयोजन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के कड़च्छ, बिल्केश्वर व ब्रह्मपुरी वार्ड में निःशुल्क सेवा कैम्प का आयोजन कर जरूरतमंदों के हेल्थ कार्ड व ई श्रम कार्ड बनाए। इस अवसर पर आलोक शर्मा ने कहा कि सेवा कांग्रेस का मूलमंत्र है। कांग्रेस शासनकाल में अनेक सामाजिक सेवाओें का आरम्भ कर बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाया। कांग्रेस की इसी परंपरा का पालन करते हुए निःशुल्क सेवा कैम्प का आयोजन कर जरूरतमंदों के हेल्थ कार्ड, ई श्रम कार्ड बनवाए गए। कार्ड बनने पर लोगों को योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। सेवा का यह अभियान निरंतर चलाया जाएगा। आलोक शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार लोगों को राहत पहुंचाने में पूरी तरह नाकाम रही है। बढ़ती बेरोजगारी के साथ आसमान छू रही महंगाई के चलते गरीब, मजदूर वर्ग के लिए परिवार के लिए दो वक्त का भोजन तक जुटाना मुश्किल हो रहा है। तमाम खाद्य पदार्थो के साथ सभी जरूरी चीजों के दाम बेहताशा बढ़ गए हैं। सरकार की नीतियों के चलते मध्यम वर्ग को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में गली-गली चल-चल रहे शराब, स्मैक, चरस गांजा आदि मादक पदार्थो के कारोबार चलते युवा वर्ग नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नगर विधायक मादक पदार्थो के कारोबार पर नकेल कसने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।युवा कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष रविश भटीजा ने कहा कि आलोक शर्मा के संयोजन में कार्यकर्ताओं के सहयोग से नशे के प्रति जनजागरण, चिकित्सा शिविर, सेवा शिविर जैसे कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। क्रमवार सभी वार्डो में सेवा शिविर का आयोजन कर लोगों के कार्ड बनाने के साथ समस्याओं को जानकार दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर पार्षद कमलेश, चैधरी बलजीत सिंह, पार्षद प्रतिनिधि पुनीत कुमार, विक्की कोरी, दीपक कोरी, नरेश चनियाना, कांग्रेस ग्रामीण कार्यकारी जिला अध्यक्ष राजीव चैधरी, कार्तिक शर्मा, विश्रांत शर्मा आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक