Skip to main content

मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है -श्रीमहंत रघुमुनि

 मां गंगा गौधाम सेवा ट्रस्ट ने चार हजार जरूरतमंदों को वितरित की राशन किट


हरिद्वार। मां गंगा गौधाम सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में शनिवार को भूपतवाला स्थित स्वामी नारायण आश्रम मंें श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्रीमहंत रघु मुनि महाराज, स्वामी नारायण आश्रम के परमाध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी हरिवल्लभ दास शास्त्री महाराज, मां गंगा गौधाम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत निर्मल दास महाराज, महामंत्री धर्मदास महाराज, कोषाध्यक्ष नितिन गौतम, ट्रस्टी विकास प्रधान, मनीष चैहान ने दो हजार लोगों को राशन किट वितरित की। इस अवसर पर श्रीमहंत रघुमुनि महाराज ने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। अन्न दान सबसे बड़ा दान है और जरूरतमंद की मदद से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। उन्होंने कहा कि दान देने वाले से बड़ा दान लेने वाला होता है। जरूरतमंद परिवारों एवं सतों की सेवा के लिए मां गंगा गौधाम सेवा ट्रस्ट द्वारा शुरू किए गए राशन वितरण अभियान के लिए ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत निर्मल दास एवं महामंत्री धर्मदास बधाई के पात्र हैं। श्रीमहंत रघुमुनि महाराज ने कहा कि सत्य के मार्ग पर चलने वालों की हमेशा संसार में विजय होती है। स्वामी नारायण आश्रम के परमाध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी हरिवल्लभ दास शास्त्री महाराज ने कहा कि कोरोना काल में विभिन्न अखाड़े, आश्रमों ने अपने सेवा प्रकल्पों के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन व अन्य सहायता उपलब्ध कराने में अहम योगदान दिया। मां गंगा गौधाम सेवा ट्रस्ट की और से शुरू किए गए राशन वितरण अभियान से जरूरतमंदों को मदद मिलेगी। मां गंगा गौधाम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत निर्मल दास महाराज ने बताया कि अभियान के तहत 21 हजार राशन किट वितरित करने का लक्ष्य तय किया गया है। अभियान के प्रथम चरण में चार हजार जरूरतमंद परिवारों व संतों को राशन किट वितरित की गयी हैं। हरिद्वार के साथ ऋषिकेश व स्वर्गाश्रम में भी राशन किट वितरित की जाएंगी। ट्रस्ट के महामंत्री महंत धर्मदास महाराज व कोषाध्यक्ष नितिन गौतम ने बताया कि जरूरतमंदों की सेवा के लिए ट्रस्ट द्वारा कई सेवा प्रकल्पों का संचालन किया जा रहा है। अभियान के अगले चरण में जल्द ही जरूतमंदों को राशन किट वितरित की जाएंगी। श्री स्वामी नारायण आश्रम के प्रबंधक स्वामी आनन्द स्वरूप दास शास्त्री महाराज ने कहा कि संतों का जीवन ही परोपकार को समर्पित रहता है। समाज को मानव सेवा की प्रेरणा देकर भावी पीढ़ी को संस्कार बनाना ही संत समाज का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम में कोरोना गाइडलाईन का पालन किया गया। इस अवसर पर ट्रस्टी विकास प्रधान, मनीष चैहान सहित कई संतजन मौजूद रहे।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक