सड़कों पर अनाधिकृत तरीके से खड़े वाहन दुर्घटनाओं को दे रहे न्यौता

 हरिद्वार। सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों पर अनाधिकृत तरीके खड़े वाहनों के कारण आए दिन वाहन दुर्घटनाए हो रही हैं। सलेमपुर तिराहे पर आए दिन वाहन दुघर्टनाओं का सिलसिला जारी है। अधिकांश सड़कों पर फैक्ट्रीयों में उत्पाद लाने वाले वाहन चालक पार्किग के झंझट से बचने के लिए सड़कों पर ही अपने वाहनों को खड़ा कर रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों की मांग पर सिडकुल में करोड़ों की लागत से बनायी गयी सरकारी पार्किंग में वाहन पार्क नहीं होने से पार्किंग ठेकेदार को नुकसान का तो नुकसान का सामना करना ही पड़ रहा है। वहीं सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है। पार्किंग ठेकेदार भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सिडकुल स्थित फैक्ट्रीयों में रोजाना हजारों की संख्या में आने वाले ट्रकों को पार्क करने के लिए पार्किंग बनायी गयी थी। पार्किंग में बिजली, पानी, शौचालय, सुरक्षा आदि के पर्याप्त इंतजाम होने के बावजूद फैक्ट्रीयों में माल लाने व ले जाने वाले वाहन चालक वाहनों को पार्किंग में खड़ा करने के बजाए सड़कों पर पार्क कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन सड़क पर खड़े वाहनों का चालान भी करता है। इसके बावजूद चालक हठधर्मिता दिखाते हुए वाहनों को सड़कों पर ही खड़ा कर रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधकों से भी वाहन सड़कों पर खड़ा करने को लेकर शिकायत भी की गयी। पुलिस अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। लेकिन चालक निर्धारित सरकारी पार्किंग में वाहन खड़े करने के बजाए सड़कों पर ही खड़े कर रहे हैं। जिससे यातायात बाधित होने के साथ कई बार दुघर्टनाएं भी हो चुकी हैं। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों की मांग पर ही करोड़ों की लागत से बनी पार्किग सफेद हाथी साबित हो रही है। वाहन पार्किंग में खड़े करने के लिए कहने पर चालक कई बार लड़ाई झगड़े व मारपिटाई पर भी उतारू हो जाते हैं। इस संबंध में जल्द ही जिला अधिकारी, एससपी से भी गुहार लगायी जाएगी। सलेमपुर निवासी बुला चैधरी ने कहा कि पुलिस प्रशासन को सिडकुल की सड़कों पर अनाधिकृत तरीके से खड़े वाहनों पर कार्रवाई को सुनिश्चित करना चाहिए। सरकार द्वारा करोड़ों की लागत से सिडकुल में पार्किंग स्थल बनाया गया है। लेकिन उस पार्किंग में चुनिंदा चालक ही वाहन खड़े करते हैं। बुला चैधरी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ तथाकथित लोग सड़कों पर वाहन खड़े करने वालों से अवैध वसूली भी कर रहे हैं। 


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