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कलयुग में हरिद्वार तीर्थ मुक्ति का धर्म रहेगाः स्वामी यतीन्द्रानंद गिरी

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गिन्नी फिलामेंट के कर्मचारियों ने राहगीरों को पिलाया ठंडा शरबत

 हरिद्वार। भीषण गर्मी में झूलस रहे राहगीरों को राहत प्रदान करते हुए गिन्नी फिलामेंट फैक्ट्री के कर्मचारियों ने गर्मी को शरबत पिलाया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक वीके त्रिपाठी ने कहा कि भूखे को भोजन और प्यासे को पानी पिलाना पुण्य कार्य है। उन्होंने कहा इन दिनों हरिद्वार में भीषण गर्मी पड़ रही है। दिन का तापमान तापमान 44 डिग्री के आसपास चल रहा है। लोगों का सड़कों पर निकलना मुश्किल हो रहा है। लोग गर्मी में प्यास से व्याकुल है हो रहे है। धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की ओर से लोगों की प्यास बुझाने के लिए जगह जगह-जगह छबील लगाकर शरबत बांटा जा रहा है। इस कड़ी में बुधवार को गिन्नी फिलामेंट्स लिमिटेड के कर्मचारियों ने सिडकुल क्षेत्र के लोगों को  गर्मी से राहत देने के लिए टेंट लगा करके मीठा शरबत पिलाया। उन्होंने कहा कि गिन्नी फिलामेंट्स ने विगत दो दिनों से (निर्जला एकादशी एवं द्वादशी) से सिडकुल क्षेत्र से निकलने वाले सभी राहगीरों को शरबत पिलाकर के गर्मी से थोड़ा राहत दिलाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री मैनेजर के साथ उनकी पूरी टीम समाज सेवा के लिए हमेशा तैयार रहती है। इस मौके पर मनी

न दिन में चौन, न रात को आराम, भीषण गर्मी से आमजन परेशानः स्वामी आलोक गिरी

 बारिश की कामना से लोगों ने भगवान नर्मदेश्वर महादेव की विशेष पूजा -अर्चना  हरिद्वार। भीषण गर्मी से बेहाल लोगों को बारिश का ही आसरा नजर आ रहा और बारिश होने का नाम नहीं ले रही है। बारिश की कामना को लेकर श्रीबालाजी धाम सिद्धबलि हनुमान -नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के महंत स्वामी आलोक गिरी महाराज ने भगवान नर्मदेश्वर महादेव शरण ली है। उन्होंने बुधवार को भक्तों के साथ विधिवत भगवान नर्मदेश्वर महादेव की पूजा अर्चना कर बारिश करने की प्रार्थना की है। स्वामी आलोक गिरी महाराज ने कहा हरिद्वार वालों को भगवान महादेव का ही आसरा है और उन्होंने पूजा अर्चना कर महादेव को प्रसन्न करने कि प्रयास किया है। लोगों की प्रार्थना का महादेव पर जरूर असर होगा और अगले एक-दो दिनों में बारिश होगी और लोगों को भारी गर्मी से निजात मिलेगी। बताते चलें कि तीर्थनगरी हरिद्वार में इन दिनों हीटवेव चल रहा है। दैनिक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी चल रहा है। ऐसे लोगों का घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। लोगों की दिनचर्या चौपट हो गई है। वहीं भीषण गर्मी में बिजली की कटौती से लोगों का जीना दुभर हो गया है। न दिन में चौनमिल रहा है और न र

पतंजलि पहुंचे केंद्रीय चुनाव आयुक्त, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने किया स्वागत

 हरिद्वार। केंद्रीय चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बुधवार को परिवार सहित पतंजलि योगपीठ पहुंचे। अपने निजी दौरे के क्रम में पतंजलि पहुचे चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पतंजलि योगपीठ के परमाध्यक्ष स्वामी रामदेव तथा महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने पुष्पगुच्छ व माला भेंट कर स्वागत किया। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पतंजलि द्वारा किए जा रहे जनसेवा कार्यों का अवलोकन प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि देश के योग जागरण में स्वामी रामदेव महाराज का योगदान अविस्मरणीय है। विशेषकर शिक्षा,चिकित्सा व स्वेदशी के क्षेत्र में पतंजलि की बड़ी भूमिका है। पतंजलि के शैक्षणिक संस्थान भावी पीढ़ियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी प्रदान कर रहे हैं। जिससे संस्कारयुक्त भावी भारत का निर्माण निश्चित है। भेंटवार्ता में स्वामी रामदेव ने कहा कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का परिवार दशकों से पतंजलि से जुड़ा है। योग-आयुर्वेद के प्रति उनकी गहन रूचि उन्हें पतंजलि से जोड़ती है। केंद्रीय चुनाव आयुक्त के रूप में वे पूर्ण समर्पण के साथ देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि ज्ञानेश कुमार की 80वर्षीया म

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को लेकर पतंजलि योगपीठ प्रतिबद्ध

 आज योग एक जीवन दर्शन बन गया हैः स्वामी रामदेव हरिद्वार। योगऋषि स्वामी रामदेव के दिशानिर्देशन में पतंजलि योगपीठ ने योग को वैश्विक स्तर पर पुनः प्रतिष्ठित किया है। यह स्वामी जी महाराज के अखण्ड-प्रचण्ड पुरुषार्थ का ही परिणाम है कि प्रत्येक वर्ष 21जून को पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रंग में रंगा नजर आता है। गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी पतंजलि योगपीठ ने अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस को लेकर विशेष योजना बनाई है तथा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बड़ी तैयारियाँ चल रही हैं। योग दिवस कार्यक्रम में हरिद्वार-रूड़की के लगभग 200 गाँवों से लोग योग सत्र में भाग लेंगे। इस वर्ष पतंजलि द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ रखी गई है जिसके अन्तर्गत योगग्राम में अभ्यास सत्र के दौरान स्वामी जी महाराज ने कहा कि विभिन्न वैज्ञानिक शोध में पाया गया कि विविध साध्य-असाध्य रोगों जैसे-मधुमेह, मोटापा, रक्तचाप,अस्थमा,थायराइड,हृदय रोग,किडनी रोग,उदर रोग,ऑटो इम्यून डिजीज आदि में योग से लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि योग को अपने जीवन में आत्मसात कर स्वस्थ व निरोगी जीवन प्राप्त किया जा सकता है।

नगर कोतवाली पुलिस ने किया हत्यारोपी को गिरफ्तार

  हरिद्वार। नगर कोतवाली पुलिस ने लालजीवाला क्षेत्र में हुई युवक की हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है। 17जून की रात लालजीवाला बस्ती में दुकान चलाने वाले केदार उर्फ खैरिया व रामजीत के बीच कोल्ड ड्रिंक बेचने को लेकर विवाद हो गया था। केदार उर्फ खैरिया ने अपने चाचा अतर सिंह को भी बुला लिया और रामजीत व उसके बेटे दिनेश पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने दिनेश को मृत घोषित कर दिया। जबकि बुरी तरह घायल रामजीत को एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया था। रामजीत की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने हत्या व हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मुकद्मा दर्ज कर जांच पड़ताल करते हुए मुख्य आरोपी केदार उर्फ खैरिया पुत्र बुधई निवासी बदाँयू उत्तर प्रदेश हाल निवासी झुग्गी झोपडी लालजी वाला को हत्या में प्रयुक्त चाकू समेत चमगादड़ टापू से गिरफ्तार कर लिया। एसएसआई सतेंद्र बुटोला ने बताया कि फरार आरोपी अतर सिंह की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस टीम में ए

संतोषी कभी दरिद्र नहीं होता-पंडित पवन कृष्ण शास्त्री

 हरिद्वार। श्री राधा रसिक बिहारी भागवत परिवार के तत्वाधान में भारतमाता पुरम, भूपतवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया जिसके मन में संतोष होता है। वह कभी दरिद्र नहीं होता। दरिद्र वह होता ह,ै जिसके मन में कभी संतोष नहीं रहता। सुदामा परम संतोषी ब्राह्मण थे। हमेशा भगवान का धन्यवाद कहते थे। बाल्यकाल में संदीपनी मुनि के आश्रम में विद्या अध्ययन के दौरान कृष्ण और सुदामा की मित्रता हुई। विद्या अध्ययन के बाद दोनों अपने अपने घर चले गए। कृष्ण द्वारिकापुरी के राजा द्वारिकाधीश बन गए। परंतु सुदामा की स्थिति बहुत ही दयनीय थी। सुदामा पत्नी सुशीला एवं दो बच्चों के साथ झोपड़ी में बेहद कठिनाई में जीवन गुजार रहे थे। परंतु भगवान से कभी कुछ नहीं मांगते थे। हमेशा भगवान श्रीकृष्ण की मित्रता को याद करते हुए उनकी भक्ति किया करते। एक बार पत्नी के कहने पर सुदामा एक पोटली में दस मुट्ठी चावल लेकर श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वारिकापुरी पहुंचे। श्रीकृष्ण ने द्वारिकापुरी में सुदामा का बहुत आदर सत्कार किया। श्रीकृष्ण जानते थे कि सुदाम