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त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन महंत लालबाबा महाराज-श्रीमहंत रविन्द्रपुरी

 हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत लालबाबा त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की छावनी में आयोजित ब्रह्मलीन महंत लालबाबा महाराज के श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने कहा कि संत परंपरा सनातन संस्कृति की वाहक है और महापुरुषों ने सदैव ही समाज को नई दिशा प्रदान की है। ब्रह्मलीन महंत लालबाबा महाराज परोपकारी संत महापुरुष थे। जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानवता के लिए समर्पित किया। ऐसे महापुरुषों को संत समाज नमन करता है। उन्होंने कहा कि महापुरुष केवल शरीर त्यागते है।ं समाज कल्याण के लिए उनकी शिक्षाएं अनंत काल तक समाज का मार्गदर्शन करती रहती है। महामण्डलेश्वर स्वामी गिरधर गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत लालबाबा महाराज महान संत थे। जिन्होंने सनातन परंपराओं का निर्वहन करते हुए धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में अपना योगदान प्रदान किया और युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाकर धर्म की रक्षा के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र न

भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने दीपदान कर अंकिता को दी श्रद्धाजंलि

  हरिद्वार। उत्तराखण्ड की बिटिया अंकिता भण्डारी की नृंशस हत्या के बाद भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने उत्तरी हरिद्वार स्थित परमार्थ घाट पर भाजयुमो के जिला महामंत्री विदित शर्मा के संयोजन व साध्वी अनन्या के पावन सानिध्य तथा भाजपा मण्डल अध्यक्ष वीरेन्द्र तिवारी की अध्यक्षता में शोक सभा का आयोजन कर दिवंगत बिटिया अंकिता के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की। इस अवसर पर भाजयुमो के जिला महामंत्री विदित शर्मा ने कहा कि उत्तराखण्ड की स्थापना युवा व मातृ शक्ति के संघर्ष व बलिदानों के फलस्वरूप हुई थी। गंगाजी के पावन तट पर बिटिया की नृशंस हत्या ने देवभूमि को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व पुलिस के प्रयासों से बिटिया के हत्यारे पकड़े गये तथा शीघ्र ही लाश बरामदगी हो गयी। भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि प्रदेश सरकार व स्थानीय पुलिस ने जिस प्रकार दोषियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ उनके प्रतिष्ठान पर कड़ी कार्रवाई की है उससे अराजक तत्वों पर अंकुश लगेगा। अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि प्रदेश सरकार हत्यारोपियों की कुर्की कर बिटिया के परिजनों को 1 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता देनी चाहिए।

लॉ कॉलेज के छात्र छात्राओं ने किया विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

हरिद्वार। ज्वालापुर स्थित पंडित पूर्णानंद तिवारी लॉ कालेज के छात्र-छात्राओं ने उदेश्वर पब्लिक स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। जिसमें एल-एल.बी चतुर्थ सेमेस्टर एवं बी.ए.एल.एल.बी अष्टम सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने लोगों को विधि की जानकारियों से अवगत कराया। जिसमें रजत कुमार,अजय अरोड़ा,देवांश शर्मा,अमित चौधरी,अंकित राठी, मुस्कान,प्रियंका बिष्ट,अनीता कौशिक आदि ने भरण पोषण,महिलाओं के अधिकार,लोक अदालत ,बाल विवाह,मानहानि,सूचना का अधिकार,जीएसटी आदि से संबंधित विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। इस दौरान कालेज के प्राचार्य अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि विधिक जागरूकता शिविर एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर एवं बी.ए.एल.एल.बी अष्टम सेमेस्टर में पाठ्यक्रम के रुप में सम्मिलित है। इसलिए विधि के छात्रों द्वारा शिविर के माध्यम से विभिन्न प्रावधानों एवं कानून की विभिन्न बारीकियों से लोगों को अवगत कराया गया। प्रबंधक कमल किशोर शर्मा एवं कालेज की निर्देशिका नेहा शर्मा ने बताया कि कॉलेज के छात्र छात्राओं ने कानून की जानकारियों के साथ समाज के प्रति कर्तव्यों एवं अधिकारों की जानकारी भी दी। शिविर का संचालन अंकित

रावण बाणासुर संवाद, सीता स्वयंवर, लक्ष्मण परशुराम संवाद की लीला का मंचन किया

 हरिद्वार। श्रीराम नाट्य संस्थान की ओर से भीमगोड़ा में आयोजित रामलीला में सीता स्वयंवर व राम विवाह उत्सव के दृश्य का मंचन किया गया। रामलीला में दिखाया गया कि भगवान राम स्वयंवर में जैसे ही प्रवेश करते हैं सब उनके मनमोहक रूप को देखकर मोहित हो उठते हैं। स्वयंवर में महाराजा जनक घोषणा करते हुए कहते हैं कि जो भी राजा धनुष का खंडन करेगा। उस राजा से अपनी पुत्री सीता का विवाह करेंगे। राजा जनक की घोषणा को सुनकर संसार के विभिन्न राज्यों से आए राजाओं ने एक-एक करके धनुष को खंडन करने का प्रयास किया। लेकिन सभी राजा विफल रहे। धनुष का खंडन तो दूर कोई भी राजा धनुष को हिला तक नहीं पाया।  यह सब देखकर महाराजा जनक भरी सभा में एलान करते हैं कि विश्व में कोई भी वीर नहीं बचा जो इस धनुष का खंडन कर सके। उनकी बात को सुनकर भगवान राम के साथ मौजूद उनके भाई लक्ष्मण क्रोधित होते है। लक्ष्मण को क्रोधित होता देख भगवान राम ने उनको शांत किया। यह सब देखकर मुनि विश्वामित्र ने भगवान श्रीराम को आदेश दिया कि वह धनुष का खंडन करें। भगवान श्री राम गुरु के आदेश का पालन करते हुए धनुष को तिनके के समान उठा कर उसका खंडन कर देते है। भगव

आम व्यापारी करेंगे शहर व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों का चुनाव-चौधरी

 हरिद्वार। प्रदेश व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चौधरी ने शनिवार को प्रैस क्लब मे पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि वे हरिद्वार शहर के व्यापारियों को धन्यवाद व साधुवाद देते है कि उन्होंने व्यापार मण्डल को स्वयंभु व्यापार मण्डल व स्वयंभु व्यापारी नेताओ के शिकंजे से बाहर निकलने के आन्दोलन में हमारा साथ दिया है। खुले मन से व्यापारी मतदाता बने है और चुनाव लड़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। चौधरी ने कहा कि पिछले पच्चीस साल से व्यापारियों के नाम पर अपने निजी स्वार्थ पूरे कर रहे स्वंयभू नेता प्रदेश व्यापार मंडल द्वारा कराए जा रहे आम व्यापारियों की सहभागिता से कराए जा रहे चुनाव का विरोध कर रहे हैं। विरोध को दरकिनार कर अच्छे और सच्चे व्यापारी नेता मैदान में आये है और व्यापारी उनका स्वागत कर रहे है। चुनाव में आम व्यापारी मतदान कर अपने नेता का चुनाव करेंगे। चौधरी ने कहा कि स्वयंभू व्यापारी नेताओं द्वारा उन पर भी दबाव बनाया गया। लेकिन वे अपने वादे पर अड़िग हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी सुदीश श्रोतरिय व सह चुनाव अधिकारी राजेंद्र चोटाला ने कहा कि पूरी पारदर्शिता से कराए जा रहे चुनाव की सभी तैयारियों पूर

श्री राधा रसिक बिहारी भागवत परिवार सेवा ट्रस्ट ने किया श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन

 हरिद्वार। श्री राधा रसिक बिहारी भागवत परिवार सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में पितृपक्ष में पित्र मोक्ष के लिए ज्ञान लोक कॉलोनी इंदु एनक्लेव कनखल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवेें दिन भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री श्रद्धालुओं को कथा का श्रवण कराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को भगवत भजन अवश्य करना चाहिए। भगवत भजन करने से ही कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। ध्रुव चरित्र श्रवण कराते हुए पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि महाराज उत्तानपाद के पुत्र धु्रव सौतेली मां के कटु वचनों को सुनकर 5 वर्ष की अवस्था में सब कुछ त्याग कर वृंदावन की पावन भूमि पर कठोर साधना करते हैं। साधना से प्रसन्न होकर भगवान नारायण घु्रव को दर्शन देते हैं और अनेक प्रकार के वरदान देकर धु्रपद प्रदान कर देते हैं। ठीक इसी प्रकार प्रहलाद का भी चरित्र भागवत में आता है। प्रहलाद का जन्म राक्षस कुल में हुआ। परंतु प्रहलाद बाल्यकाल से ही भगवत भजन करते हैं। प्रहलाद के पिता हिरण्य कश्यपु प्रहलाद को मारने के लिए अनेक प्रकार के उपाय करता है। परंतु भगवत भजन के प्रभाव से प्रहलाद का बाल भी बांका नहीं हुआ एवं स्वयं भगवान नारायण न