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भाई विभीषण का अपमान ही रावण की मृत्यु का कारण बना

 हरिद्वार। जूना अखाड़ा एवं नगर कोतवाली के निकट आयोजित हो रही बड़ी रामलीला में अहंकार पर सदाचार की विजय का संदेश देते हुए रावण, मेघनाथ और कुंभकरण को मुक्तिधाम भेजकर माता सीता के धैर्य और साहस को सार्थकता प्रदान की। भाई विभीषण का अपमान ही रावण की मृत्यु का कारण बना जबकि श्रीराम ने अयोध्या की बिना जन और धन हानि किए भालू और बंदरों की सेना बनाकर लंका पर विजय प्राप्त कर मानवता के संरक्षण का सूत्रपात किया। श्रीरामलीला सम्पत्ति कमेटी ट्रष्ट के अध्यक्ष गंगा शरण मददगार एवं श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा के सानिध्य में प्रेरणादायी दृश्यों तथा जीवन जीने की कला सिखाने वाले संदर्भों के साथ सकुशल संपन्न हुई रामलीला में आज रामादल के साथ मेघनाद का भीषण युद्ध तथा वाद्य यंत्रों की ध्वनि गर्जना के बीच त्रेताकालीन सभ्यता से संपन्न हुए राम-रावण युद्ध ने रामलीला के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया। रामानंद सागर के रामायण सीरियल को मात देने मेघनाथ एवं राम- रावण युद्ध देख दर्शकों ने अपने अतीत पर गौरवान्वित होते हुए मुक्त कंठ से आयोजकों की सराहना की। सनातन धर्म एवं संस्कृति में मर्यादा एवं चरित्

साबरी कमेटी ने किया रक्तदान शिविर का आयोजन

 हरिद्वार। ईद मिलादुन्नबी के उपलक्ष्य में साबरी कमेटी के संयोजन में ट्रक यूनियन रोड़ स्थित बेंकट हाॅल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के युवाओं ने रक्तदान किया। ब्लड बैंक टीम के सहयोग से आयोजित किए गए रक्तदान शिविर में 90 यूनिट रक्त एकत्र हुआ। कमेटी के सदर आफताब कादरी ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है ओर किसी का जीवन बचाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर समाज मे प्रचलित भ्रांतियां दूर हो रही हैं और लोग रक्तदान का महत्व समझ रहे हैं। साबरी कमेटी के संयोजन में आयोजित रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के युवाओं ने रक्तदान कर मानवता के प्रति अपने फर्ज को अदा किया। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी। सभी को दूसरों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। शाहनवाज अब्बासी ने कहा कि रक्तदान से शरीर में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आती है। दानदाताओं द्वारा दिए रक्त से किसी का जीवन बच सकता है। कोई दुघर्टना या आपात स्थित उत्पन्न होने पर रक्तकोष में रक्त उपलब्ध होना आवश्यक है। इसलिए सभी को आगे आकर रक्तदान अवश्य करना

रामेश्वर आश्रम में की गयी राम दरबार की स्थापना

 हरिद्वार। विजयदशमी के अवसर पर सन्यास मार्ग कनखल स्थित रामेश्वर आश्रम के मंदिर में भव्य श्रीराम दरबार की स्थापना कर विधि-विधान के साथ हवन पूजन कर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण व हनुमान जी की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान मुख्य यजमान के रूप में न्यायाधीश श्रेय गुप्ता परिवार सहित मौजूद रहे। श्रीराम दरबार के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मौके पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आश्रम के परमाध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी रामेश्वरानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि विश्व कल्याण की भावना से भगवान श्रीराम दरबार की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में सर्वप्रथम रामेश्वर आश्रम में राम मंदिर की स्थापना की गयी है। असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक दशहरे के अवसर पर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कर भगवान श्रीराम से देश दुनिया को कोरोना महामारी से मुक्ति प्रदान करने की कामना की गयी। भगवान श्रीराम की कृपा से जल्द ही भारत सहित पूरे विश्व से कोरोना महामारी समाप्त होगी। कहा कि दशहरे के पवित्र अवसर पर सभी को भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को आत्मसात कर आदर्श समाज बनाने का संक

ज्वालापुर पुलिस ने दबोचे अवैध,शराब सट्टे से जुड़े चार आरोपी

 हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने शराब, सट्टा व मादक पदार्थो का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत क्षेत्र में कई स्थानों पर छापामारी कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से देशी शराब के 77 पव्वे, अंग्रेजी शराब के 48 पव्वे, सट्टा पर्ची ओर नकदी बरामद हुई है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकद्मा दर्ज किया गया है। अभियान के तहत कोतवाली क्षेत्र के लाल मंदिर, मोहल्ला तेलीयान और कस्साबान क्षेत्र में छापामारी कर पुलिस ने अवैध रूप से शराब की बिक्री व सट्टे की खाईबाड़ी कर रहे 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के हत्थे चढ़े अनिकेत पुत्र राजेंद्र निवासी मोहल्ला तेलियान के ’कब्जे से देशी शराब के 40 पव्वे, टिंकू शर्मा पुत्र पप्पू शर्मा निवासी लाल मंदिर ज्वालापुर कब्जे से अंग्रेजी शराब के 48 पव्वे, प्रीतम पुत्र तुलाराम निवासी लाल मंदिर ज्वालापुर हरिद्वार के कब्जे से देशी शराब के 37 पव्वे बरामद हुए। जबकि सट्टे की खाईबाड़ी कर रहे मुराद पुत्र नफीस निवासी ज्वालापुर के कब्जे से 1290 रुपए सट्टा पर्ची बरामद हुई। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रह

विजयादशमी के अवसर पर अखाड़ों में शस्त्र पूजन का विशेष महत्व-श्रीमहंत रविन्द्रपुरी

 हरिद्वार। पंचायती अखाड़ा श्री महानिर्वाणी में दशहरा पर्व पर संतो ने शस्त्रों का पूजन किया। महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि शास्त्रों में धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए शस्त्रों का उपयोग आवश्यक बताया गया है। विजयादशमी के अवसर पर अखाड़ों में शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। दशहरे के दिन अखाड़े अपने प्राचीन देवताओं और शस्त्रों की पूजा करते हैं। आदि अनादि काल से यह परंपरा चली आ रही है। शस्त्र पूजन की परंपरा का निर्वाह करते हुए भैरव प्रकाश और सूर्य प्रकाश नामक भाले का देवता के रूप में पूजन किया गया। उन्हें दूध, दही ,शहद, फल-फूल और नवरात्र के अवसर पर उगाए गए हरेले से पूजा गया। भैरव प्रकाश और सूर्य प्रकाश देवता रूपी भाले कुंभ मेले के अवसर पर अखाड़ों की पेशवाई के आगे चलते हैं। इन भाला रूपी देवताओं को कुंभ में शाही स्नानों में सबसे पहले गंगा स्नान कराया जाता है। उसके बाद अखाड़ों के आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर, जमात के महंत और अन्य नागा साधु स्नान करते हैं। इस अवसर पर श्रीमहंत अखिलेश भारती, श्रीमहंत कमल पुरी, श्रीमहंत महेश गिरी, महंत विनोद गिरी, हनुमान बाबा, थानापति

कुंभकरण और मेघनाथ वध की लीला का मंचन

 हरिद्वार। श्री रामलीला रंगमंच मायापुर में कुंभकरण और मेघनाथ वध की लीला का मंचन किया गया। कुंभकरण के रोल में रंगमंच के बेहतरीन कलाकार जिन्होंने पूर्व में भयंकर राक्षसी ताड़का का भी अभिनय किया था और दर्शकों में डर का माहौल पैदा किया था। आज कुंभकरण के विराट रूप में रंगमंच के कलाकार मुकेश मनोचा ने अपने अभिनय से रंगमंच पर आए सभी राम भक्तों को प्रभावित किया तथा बड़ी-बड़ी जलेबियां और बड़े-बड़े समोसे, मट्ठी कुंभकरण को जगाने के पश्चात खाने के रूप में दी गई जिसको उसने दर्शकों के बीच में जाकर प्रसाद की तरह वितरण किया और उनकी संवाद देखते ही बनते थे। उन्होंने रावण को बहुत समझाया कि सीता मां लक्ष्मी का अवतार है और वह दोनों वनवासी कोई साधारण नर नहीं है जिन्होंने खर दूषण जैसे बलशाली को भी मार गिराया वह निश्चित ही नारायण के अवतार हैं। भगवान राम और कुंभकरण के बीच भीषण युद्ध हुआ और कुंभकरण मारा गया। मेघनाथ के रूप में रंगमंच का कलाकार बॉबी सैनी ने भी बहुत ही शानदार अभिनय करते हुए लक्ष्मण और मेघनाथ का युद्ध हुआ उसमें मेघनाथ भी मारा गया। भगवान श्रीराम के रूप में जयंत गोस्वामी, लक्ष्मण जी के रूप में वरुण गोस्वाम