लगातार बारिश से कोविड अस्पताल में जमा पानी ने बढ़ायी मुसीबतें

 हरिद्वार। सरकार प्रशासन चाहे जो भी दावा करे,लेकिन दो दिन हुई बारिश ने तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिया है। दो दिन हुई बारिश के बाद कोविड अस्पताल में पानी ने मरीजों के साथ साथ प्रशासन के लिए मुसीबते पैदा कर दी है। पूरा प्रदेश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है सरकार भी मरीजों के इलाज के बड़े बड़े दावे कर रही है। इसी बीच सरकारी दावों की पोल बार बार खुलती जा रही हैं हरिद्वार में सरकार और पतंजलि योग पीठ के सहयोग से चलाए जा रहा कोविड पहली बारिश में ही जल मग्न हो गया। जिसमें डॉक्टर पानी मे खड़े हो कर मरीजो के इलाज कर रहे है तो वही हॉस्पिटल स्टाफ बाल्टियों में पानी भर वहाँ जमा पानी निकालने की कौशिश कर रहे है। आपको बताते चले कि अभी हाल ही में कुम्भ के लिए बने बेस अस्पताल को कोविड केयर के रूप में बदल कर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह द्वारा उद्धाटन किया गया था। जिसका संचालन सरकार द्वारा बाबा रामदेव के साथ मिलकर किया जा रहा था। उक्त कोविड सेंटर अपने पहले दिन से ही विवाद में आ गया था जहां मुख्यमंत्री के उद्धघाटन के बाद भी वेंटिलेटर शुरू नही हो पाए थे। तो आज एक बार फिर इस अस्पताल की पोल उस समय खुल गई जब पहली बारिश में ही यह कोविड सेंटर जल मग्न हो गया। हॉस्पिटल में काम कर रहे एक स्टाफ द्वारा वहां की स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया गया है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि डॉक्टर और हॉस्पिटल का अन्य स्टाफ किस तरह हॉस्पिटल में भरे पानी मे काम करने को मजबूर है। ऐसे हालात में कोविड के मरीजो की क्या हालत होगी यह केवल अंदाजा ही लगाया जा सकता है।


Comments