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102 प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण पूर्ण होने पर उनके मूल जनपदों और शाखाओं के लिए भेजा


 हरिद्वार। सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र में वरिष्ठता के आधार पर 102 पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग पूरी हो गई। पुलिसकर्मी का हेड कांस्टेबल का दो माह का प्रशिक्षण समाप्त हुआ। पुलिसकर्मियों को उनके मूल जनपद में भेज दिया गया है। एएसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि इस पदोन्नति प्रशिक्षण के लिए 112 आरक्षियों का चयन हुआ था। जिसमें से 10 प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण पूर्ण नहीं होने के कारण रोका गया है। शेष कुल 102 प्रशिक्षुओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत उनके मूल जनपदों और शाखाओं के लिए भेजा गया। इस मौके पर संत गिरजानंद ने प्रशिक्षुओं को विचारों के माध्यम से नई जिम्मेदारी का सरलता से निर्वहन करने के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दीं। वाह्य कक्ष प्रशिक्षण में प्रथम एवं सर्वांक सर्वोत्तम स्थान प्राप्त करने वाले प्रशिक्षु भारत भूषण और अंतः कक्ष में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रशिक्षु मनवर सिंह को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। सीओ मोहनलाल ने बताया कि प्रशिक्षुओं को डीआईजी अरुण मोहन जोशी के निकट पर्यवेक्षण में दो माह का सफलता पूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान वाह्य कक्ष प्रशिक्षण में पदादि, पुलिस प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, शस्त्र प्रशिक्षण, शारीरिक प्रशिक्षण के साथ साथ आपदा, फायर सर्विस, मैप रीडिंग आदि तथा अन्तःकक्ष प्रशिक्षण में कानून, विविध अधिनियम, पुलिस प्रशाशन की कार्य प्रणाली, भीड़ नियंत्रण आदि का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। समापन अवसर पर निरीक्षक संजय चैहान, प्रतिसार निरीक्षक नरेश जखमोला, एचडीआई संदीप नेगी, राजेन्द्र लखेरा, उप निरीक्षक प्रबीन कुमार, गुरप्रीत कौर, निशांत कुमार, सहित समस्त प्रशिक्षक स्टाफ आदि उपस्थित रहे।


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गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

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आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

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