Skip to main content

रैली में जुटेगी हजारों कार्यकर्ताओं व जनता की भीड़-विशाल राठौर

 हरिद्वार। विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह 18 दिसम्बर को ज्वालापुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में रैली को संबोधित करेंगे। जानकारी देते हुए रैली के मुख्य संयोजक कांग्रेस के जिला महनगर उपाध्यक्ष व कांग्रेस सेवादल के प्रदेश प्रवक्ता विशाल राठौर ने बताया कि ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के राजपुर मण्डी मैदान में होने वाली भाजपा भगाओ महंगाई हटाओ रैली को नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के अलावा, प्रदेश महासचिव डा.संजय पालीवाल, कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार, कांग्रेस सेवादल के प्रदेश मुख्य संगठक राजेश रस्तोगी सहित कई वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे। विशाल राठौर ने कहा कि रैली में विधानसभा क्षेत्र के हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता व आम जनता शामिल होगी। रैली को सफल बनाने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता महबूब आलम को संयोजक तथा अमित सैनी,अर्जुन कुमार, लव चैहान, सुभान खान, नावेज अंसारी, अमित जाटव, मुकुल चैहान, शाहरूख अली, सचिन प्रधान, आदित्य पाटिल, जावेद खान, अतरसिंह राठौर, भावांजलि, नसीम शाहिद,शादाब अली, लक्ष्य, जेपी सिंह, वीर प्रताप चैहान को सह संयोजक नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि रैली को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ लगातार जनसंपर्क किया जा रहा हैं। विशाल राठौर ने कहा कि जनता भाजपा सरकार की नीतियों से बेहद आजिज आ चुकी है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत के साथ जीत हासिल करेगी तथा प्रदेश में सरकार बनाएगी और लोगों की समस्याओं को दूर करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के सभी वर्गो की जनता का समर्थन उनके साथ है। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक