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रमजान के दूसरे जुमे पर रोजेदारों ने नमाज अदा कर मांगी मुल्क के अमनोचैन की दुआएं

 


हरिद्वार। उपनगरी ज्वालापुर की मस्जिदों में दूसरे जुमे की नमाज रोजेदारों ने अता की। देहात क्षेत्र में भी जुमे की नमाज मे रोजेदारों ने शिरकत की। मदीना मस्जिद में हाफिज मेहताब आलम, कोटरवान मंें कारी मुबारक अली, जामा मस्जिद में हुसैन अली, मंडी की मस्जिद में हाफिज कुतबुद्दीन और मौहल्ला तेलियान में मौलाना इकबाल ने नमाज अदा कराकर मुल्क के अमनोचैन की दुआएं मांगी। मौलाना आरिफ ने कहा कि रोजेदार को पांचों वक्त की नमाज पाबंदी के साथ पढ़नी चाहिए। अधिक से अधिक कलाम पाक की तिलावत करें। जरूरतमंदों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। खुदा ताला अपने बंदे को एक नेकी के बदले सत्तर नेकीयां नवाजता है। उन्होंने कहा कि माहे रमजान में जकात फितरे का भी विशेष ध्यार रखते हुए ऐसे जरूरतमंदों की मदद करें। जो इसके लिए असली हकदार हैं। रोजा आंख, कान, जुबान, सभी का होता है। इंसानियत का पैगाम देते रहें। राहे खुदा में अपना विशेष ध्यान लगाए रहने की आवश्यकता है। हाफिज कुतुबुदीन एवं मेहताब आलम ने कहा कि झूठ, फरेब, चुगलखोरी से परहेज रखें। किसी का भी बुरा ना करें। रोजे की हालत में कलाम पाक की तिलावत करनी चाहिए। रोजा बुराईयों को समाप्त कर रोजेदार को अच्छाईयों की और अग्रसर करता है। उन्होंने रोजेदारों से अपील करते हुए कहा कि कुरान हदीस की बातों पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। अनावश्यक रूप से किसी भी बात में तूल ना दें। इबादत करते रहें। अपने रब से दुआएं मांगते रहें। जुमे की दूसरी नमाज के लिए पुलिस प्रशासन की और से सुरक्षा व यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।


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