हरिद्वार। मां मंशा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष व निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविन्द्रपुरी द्वारा किये जा रहे सेवा कार्य की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सराहना करते हुए भूरी-भूरी प्रसंशा की है। श्रीमहंत रविन्द्र पुरी का अभिन्नदन करते हुए संघ प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने कहा कि जब जब देश पर किसी प्रकार की भी विपत्ति आती है,तब-तब समाज में महापुरुषों का अवतरण होता रहा है। इस समय विपदा की स्थिति में हरिद्वार के लिए मां मंशा देवी की कृपा से श्रीमहंत रविन्द्र पुरी बड़ा सहारा बन के उभरे हैं। अब तक वे पीएम रिलीफ फंड में 16 लाख और सीएम राहत कोष में 51 लाख सहित जिला प्रशासन व नगर निगम सहित सभी विधानसभाओं में कच्चा राशन बटवां रहे है। अभी तक करीब 2 करोड़ रुपये की सहायता की जा चुकी है। साथ ही प्रतिदिन लगभग 2000 लोगों को पका भोजन वितरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को बिना भेद भाव के ट्रस्ट द्वारा राशन-भोजन दिया जा रहा है। साथ ही हजारों कुंतल राशन प्रशासन को गरीबों के लिए दिया गया है। जो एक सन्त के वास्तविक स्वरूप को दर्शता है। उन्होंने कहा कि सन्त का जीवन समाज ले लिए होता है। इस मौके पर श्रीमहंत रविन्द्र पुरी ने कहा कि उनका प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। जब तक समाज को उनकी जरूरत है, तब तक हम तन मन धन से समाज के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा जो भी है वह समाज का है, और यदि ऐसे समय पर भी समाज के काम न आये तो यह जीवन व्यर्थ है। इस दौरान स्वामी राजपुरी, स्वामी धन्यजय, मा मंशा देवी मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी प्रदीप शर्मा व अनिल शर्मा, संघ के विभाग प्रचारक शरद कुमार, विधा भारती के प्रदेश निरीक्षक डॉ विजय पाल, अमित शर्मा, अमित त्यागी, प्रतीक सूरी , टीना आदि मुख्य थे।
हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।
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