अशक्त किशोरी की मौत के मामले होगी मजिस्टेªटी जांच

हरिद्वार। शहर के मध्य स्थित एक कालोनी में मानसिक अशक्त किशोरी उम्र करीब 17 वर्ष को 24मार्च को बुखार व खाॅसी की शिकायत हो गयी, उनके परिजन द्वारा किशोरी को पडोस में एक नामी महिला चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था, किन्तु रविवार को किशोरी की तबियत अधिक खराब होने पर उसे महिला चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहाॅ महिला चिकित्सक द्वारा किशोरी को भर्ती न कर उसे जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गयी। परिजन रविवार की सुबह करीब 11.00 बजे किशोरी के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लेकर पहुॅचे, जहाॅ पर फ्लू क्लीनिक में मौजूद चिकित्सकों द्वारा किशोरी को देखकर उसकी कुछ जाँच करने को लिखा गया और पुनः सोमवार को आने के लिए कहा गया। इसी प्रकार सरकारी तथा निजि चिकित्सालयों की लापरवाही और सही समय पर इलाज न मिलने के कारण किशोरी की मृत्यु का मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी सी रविशंकर ने  गम्भीरता से लेते हुए मामले की मजिस्टेªटी जांच के आदेश दिये हैं। जिलाधिकारी ने नगर मजिस्टेªट को जांच हेतु नामित किया है।  इस मामले में किसी व्यक्ति को कोई मौखिक अथवा लिखित साक्ष्य प्रस्तुत करना हो तो वह विज्ञप्ति जारी होने के दस दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय स्थित पुरानी कचहरी देवपुरा हरिद्वार में किसी भी कार्यदिवस में अपने बयान अभिलिखित करा सकता है अथवा लिखित साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।