जनपद में पांच और कोरोना वायरस संक्रमित की पहचान,

14सौ से अधिक सैम्पल की जांच रिर्पोट का इंतजार


हरिद्वार। राज्य में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमित मरीज मिलने का सिलसिला फिर से तेज हो गया। जनपद में एक बार फिर पांच मरीज की पहचान होने के बाद उन्हे कोविड19 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब तक जनपद के सात मरीजों की पहचान हो चुकी है। एक देहरादून में जबकि दूसरा एम्स ऋषिकेश में भर्ती है। इसके साथ ही जनपद में कोविड 19 की जांच भी तेज हो गई है। फिलहाल जनपद में 14सौ से अधिक सैम्पल की जांच रिर्पोट का इंतजार है। राज्य में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीज का असर जनपद में भी पड़ रहा है। जनपद में सात और कोरोना वायरस संक्रमित की पहचान हुई है। इनमें से पांच मरीज को मेला अस्पताल के कोविड 19अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब तक जनपद में 14कोरोना वायरस संक्रमित की पहचान हो चुकी है,इनमें से सात स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके है। जबकि सात का उपचार जारी है। शनिवार को जनपद में तीन वायरस संक्रमित की पहचान हुई,इनमें से दो लक्सर क्षेत्र के गांव में तथा एक रूड़की क्षेत्र के रहने वाले है। जबकि शुक्रवार को देर शाम दो पहचान की गयी थी। शनिवार को जनपद में 578 व्यक्तियों के कोविड19 की जांच के लिए सैम्पल भेजे गये,जबकि इससे पहले अब तक 3775व्यक्तियों के सैम्पल जांच के लिए भेजे गये है,इनमें से 2371व्यक्तियों की रिर्पोट प्राप्त हो चुकी है। इनमें 13पाॅजिटिव पाये गये है,जबकि 2358नेगेटिव पाये गये है। अब तक 1404सैम्पल के जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जनपद के विभिन्न आइसोलेशन केन्द्रों में 48व्यक्ति भर्ती है। विभिन्न फेसिलिटी केन्द्रों में 831लोगों को रखा गया है। शनिवार को जनपद के सीमाओं पर 99व्यक्ति के सैम्पल जांच के लिए भेजे गये। शनिवार को बंगलौर से आयी स्पेशल श्रमिक टेªन से आये प्रवासियों की स्क्रीनिंग के बाद उनके गृह जनपदों के लिए भेजा गया। दूसरी ओर लक्सर क्षेत्र के तीन अलग-अलग गांव में कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आने पर पुलिस प्रशासन ने शनिवार को लक्सर कोतवाली में ग्राम प्रधानों की बैठक ली। कोरोना से जंग के खिलाफ सभी के सहयोग पर जोर दिया। एसडीएम पूरन सिंह राणा व सीओ अविनाश वर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के चलते सभी को एकजुटता की जरूरत है। सभी को एकजुट होकर इस महामारी से लड़ना है। उन्होंने कहा कि गांवों में दूसरे शहरों से आने वाले लोगों की पूर्ण जानकारी जुटाएं तथा इसकी जानकारी पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को दें। इससे गांव में दूसरे स्थानों अथवा रेड जोन से आने वाले सभी लोगों की समय से जांच हो सके।