लाॅकडाउन के दौरान अंग्रेजी शराब की पेटी निकालने वाले दुकान का लाइसेंस निरस्त

जिलाधिकारी ने जमानत राशि भी जब्त करने के दिए निर्देश


हरिद्वार। लॉकडाउन में शराब दुकानें बंद रहने के दौरान रुड़की के रामनगर कैंप के अंग्रेजी शराब के ठेके से 167 शराब की पेटी निकालने के मामले में जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने दुकान का लाइसेंस निरस्त करने व जमा धनराशि जब्त करने के आदेश दिए है। मामले में गंगनहर पुलिस की जांच में देहरादून के बड़े शराब कारोबारी की मिलीभगत होने की बात भी सामने आ रही है। जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने इतनी बड़ी मात्रा में शराब की खेप निकाले जाने को लेकर गंभीरता से लिया था। उन्होंने पूरी जांच का जिम्मा जिला आबकारी अधिकारी प्रभाशंकर मिश्रा को सौंपी थी। जिला आबकारी अधिकारी की अगुवाई में हुई जांच में पूरे प्रकरण की हकीकत निकलकर सामने आ गई। शराब ठेके के ठेकेदार जसपाल सिंह निवासी गुरुनानक नगर निकट गुरुद्वारा नकरौंदा देहरादून ने आबकारी टीम को चकमा देना चाहा। लेकिन, आबकारी विभाग की जांच में शराब की खेप उसके ही ठेके से निकाले जाने की पुष्टि हुई। जिला आबकारी अधिकारी प्रभाशंकर मिश्रा ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप थी। जिस पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही जमा की गई धनराशि भी जब्त कर ली गई है। गंगनहर पुलिस का फोकस अब देहरादून के बड़े शराब कारोबारी पर है। जिसके इशारे पर ही शराब की खेप निकाली गई थी। दूसरी ओर बड़ा सवाल बना हुआ है कि आखिरकार ठेकेदार का नाम ब्लैक लिस्ट में क्यों नहीं डाला गया। शराब की तस्करी कहां होनी थी। यह भी अब तक सामने नहीं आया है। मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। इस पूरे प्रकरण में मुख्य भूमिका ठेकेदार की है। लेकिन, अभी तक ठेकेदार के खिलाफ गंगनहर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। गौरतलब है कि रुड़की के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कालोनी तिराहे पर अंग्रेजी शराब की 167 पेटियों से लदा वाहन पकड़ा गया था। पुलिस के हत्थे चढ़े वाहन चालक मुकेश निवासी बंदसेवाला बेहट सहारनपुर यूपी ने कालू व योगेंद्र राणा उर्फ लगड़ा के नाम भी बताए थे।