कटेंनमेंट जोन बढ़ने के साथ ही बढ़ रही पुलिस की मुश्किलें

हरिद्वार। जनपद में जैसे-जैसे कोरोना पॉजिटिव मिलने से कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे पुलिस की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। गश्त, चेकिंग जैसे रूटीन कार्य छोड़कर पुलिसकर्मी कंटेनमेंट जोन की व्यवस्थाओं में जुटे हैं। कई थाने कोतवाली तो पुलिसकर्मियों से खाली हो चुके हैं। मंगलवार तक जनपद में कंटेनमेंट जोन की संख्या 48 पहुंच गई है। लॉकडाउन के पहले महीने में हरिद्वार जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या दस से कम रही, लेकिन अगले महीने आंकड़ा दहाई में पहुंच गया। प्रवासियों के घर लौटने का सिलसिला जारी है, इसी के साथ कोरोना संक्रमितों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अभी तक जिले में 209 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। हालांकि, इनमें 83 स्वस्थ भी हो चुके हैं। अलबत्ता बाकी लोगों को होम आइसोलेट किया गया है। उनकी निगरानी और आसपास के लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए जनपद में कुल 48 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।कंटेनमेंट जोन की व्यवस्थाओं का पालन कराने की अहम जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर है। इसलिए पुलिस को रूटीन कार्यों से हटकर कंटेनमेंट जोन की व्यवस्थाओं में पसीना बहाना पड़ रहा है। रानीपुर, सिविल लाइंस रुड़की, मंगलौर व लक्सर जैसी कोतवालियों में कई-कई कंटेनमेंट जोन पड़ रहे हैं। जिस कारण इंस्पेक्टर से लेकर दारोगा और चेतक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी कंटेनमेंट जोन में लगाया गया है। कंटेनमेंट जोन की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो दूसरे जिलों से फोर्स मंगाना पड़ सकता है। वहीं एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस का कहना है कि कंटेनमेंट जोन में व्यवस्थाएं बनी रहे और पुलिस के रूटीन के जरूरी कार्य भी चलते रहें, इस बाबत आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।