स्वामी प्रज्ञानन्द गिरी महाराज के निधन पर संत समाज में शोक की लहर

हरिद्वार। आह्वान अखाड़े के महामण्डलेश्वर स्वामी प्रज्ञानन्द गिरी महाराज के आकस्मिक निधन पर हरिद्वार के संत समाज ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि संत का जीवन सदैव परोपकार को समर्पित रहता है। ब्रह्मलीन स्वामी प्रज्ञानन्द गिरी महाराज संत समाज के प्रेरणास्रोत थे। सभी को उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति के उत्थान में सहयोग करना चाहिए। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी प्रज्ञानन्द गिरी महाराज एक सच्चे व दिव्य संत थे। ऐसे महान संत के विचारों से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। कालिका पीठाधीश्वर श्रीमहंत सुरेद्रनाथ अवधूत महाराज व आनन्द पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी बालकानन्द गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी प्रज्ञानन्द गिरी महाराज को गंगा से बेहद लगाव था। निरंजनी अखाड़े के महामण्डलेश्वर स्वामी सोमेश्वरानन्द गिरी महाराज ने ब्रह्मलीन स्वामी प्रज्ञानन्द गिरी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी प्रज्ञानन्द गिरी महाराज एक महान संत थे। श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी प्रज्ञानन्द गिरी महाराज त्याग व तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। निंरजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने कहा कि महामण्डलेश्वर स्वामी प्रज्ञानन्द गिरी महाराज का आकस्मिक निधन सनातन जगत के लिए बड़ी क्षति है। श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने कहा कि संत महापुरूष केवल शरीर त्यागते हैं। उनकी आत्मा जगत कल्याण के लिए सदैव उपस्थित रहती है। महंत नारायण गिरी, महंत ओमकार गिरी, स्वामी राजेंद्रानन्द गिरी, महंत शिवशंकर गिरी, पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, महंत रूपेंद्र प्रकाश, स्वामी कपिलमुनि, स्वामी हरिचेतनानन्द, जय मां मिशन के परमाध्यक्ष स्वामी महादेव महाराज, कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज, महंत अमनदीप सिंह, महंत दामोदर दास आदि सहित तमाम संतों ने स्वामी प्रज्ञानानन्द गिरी महाराज के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।