हरिद्वार। दो दिन पूर्व रानीपुर मोड़ क्षेत्र पर समाजसेवी पंडित अधीर कौशिक के साथ पार्षद पति द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की विश्व गुरु शंकराचार्य दशनाम गोस्वामी समाज ने कड़े शब्दों में आलोचना की है। इस मौके पर विश्व गुरु शंकराचार्य दशनाम गोस्वामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद गिरि ने कहा कि अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष समाजसेवी पंडित अधीर कौशिक हमेशा शहर व समाज की भलाई के लिए बढ़ चढ़कर कार्य करते हैं। उनके साथ पार्षद पति द्वारा किया गया दुव्र्यवहार निंदनीय है। पार्षद पति को पंडित अधीर कौशिक से क्षमा मांगनी चाहिए। प्रमोद गिरि ने कहा कि पार्षद पति ने सिर्फ पंडित अधीर कौशिक के साथ ही नहीं बल्कि सर्व ब्राह्मण समाज के साथ दुव्र्यहार किया है। यदि ऐसे में भी ब्राह्मण समाज दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पंडित अधीर कौशिक के साथ नहीं खड़ा होता है तो आज जो व्यवहार उनके साथ हुआ है, कल प्रत्येक व्यक्ति के साथ ऐसा ही व्यवहार होगा। सबको साथ मिलकर पंडित अधीर कौशिक के पक्ष में आवाज बुलंद करनी चाहिए। जिससे प्रदेश सरकार में बैठे ब्राह्मण समाज के मंत्रीयों को भी पता चले की तीर्थ नगरी हरिद्वार में ब्राह्मणों के साथ पार्षद पति द्वारा कैसा व्यवहार किया जा रहा है। तीर्थ नगरी में ब्राह्मणों को चप्पल दिखाने वाले पार्षद पति के खिलाफ शासन प्रशासन को कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। प्रमोद गिरि ने कहा कि समाजहित में आवाज उठाने वालों की आवाज को दबाने के काम को गोस्वामी समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके लिए धरना प्रदर्शन भी करना पडा तो गोस्वामी समाज उससे भी पीछे नहीं हटेगा। विश्व गुरु शंकराचार्य दसनाम गोस्वामी समाज के प्रदेश प्रवक्ता बलराम गिरि कड़क व कोषाध्यक्ष बादल गोस्वामी ने कहा कि सरकार समाज हित में आवाज उठाने वालों की आवाज को कुचलने का काम कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश मंत्री सन्दीप गोस्वामी व मनोज गिरि ने कहा कि पार्षद पति द्वारा समाजसेवी पंडित अधीर कौशिक के साथ की गयी अभद्रता के लिए सर्व समाज के लोगो को एकजुट होकर न्याय दिलाना चाहिए। अमित गिरि, गौरव गोस्वामी, शत्रुघ्न गिरि, दीपक गिरि, उमेश गिरि, अनिकेत गिरि, अजय गिरि आदि ने पंडित अधीर कौशिक साथ किए गए अपमानजनक व्यववहार की कड़े शब्दों में आलोचना की।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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