संतो के साथ अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने लिया हरकी पौड़ी जायजा

हरिद्वार। भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई हरकी पौड़ी की दीवार का जायजा लेने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमंहत नरेन्द्र गिरि महाराज के सानिध्य मेें संत महापुरूष बड़ी संख्या में हरकी पौड़ी पहुचे। इस दौरान उन्होने गंगा सभा के पदााधिकारियों से हरकी पौड़ी पर क्षतिग्रस्त क्षेत्र का हाल जाना। इस दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमंहत नरेन्द्र गिरि महाराज ने कहा कि हरकी पौड़ी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। जहां आचमन मात्र से ही व्यक्ति के जन्म जन्मान्तर के पापों का शमन हो जाता है। सरकार को हरकी पौड़ी क्षेत्र की व्यवस्था व सौन्दर्यकरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही हरकी पौड़ी से सटी पहाड़ी से पत्थर,चट्टान आदि नीचे न गिरे इसके भी इन्तजाम करने चाहिए। इस दौरान गंगा सभा के पदाधिकारियों ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमंहत नरेन्द्र गिरि महाराज से कहा कि वह सरकार के समक्ष यह मुददा उठायें कि हरिद्वार में यात्रीयों का आवागमन सरकार को पूर्ण रूप से खोल देना चाहिए। जयराम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रहमस्वरूप ब्रहमचारी महाराज ने कहा कि लगभग चार माह से लाॅकडाउन के कारण श्रद्वालु यात्रियों का हरिद्वार में आवागमन नहीं हो पा रहा है। जिससे छोटे आश्रम व मठ मन्दिरो के साधु संतो के सामने खान-पान का संकट गहरा रहा है। सरकार शराब की दुकान तो खोल सकती है। लेकिन भगवान के द्वार बन्द है सनातन धर्म पर कुठाराघात किया जा रहा है। मंगनलवार तडके में हुई भारी वर्षा व आकाशीय बिजली गिरने की वजह से दीवार गिरने की बात क्षेत्र के लोगों द्वारा कही जा रही है। गंगा सभा के पदाधिकारी व्यवस्थाएं बनाने में सहयोग कर रहे हैं। गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा ने कहा कि दीवार गिरने से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। मलबे को जल्द ही हटा लिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से भी अपील की कि दीवार गिरने को लेकर भ्रामक प्रचार ना करें। महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि लोगों द्वारा हरकी पैड़ी मार्ग स्थित दीवार गिरने की सूचना रात्रि में ही दी गयी थी। लोगों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि आकाशीय बिजली गिरने से गंगा सभा के कार्यालय पर तैनात गार्ड, आॅटो वाले व स्थानीय लोगों द्वारा भी गड़गड़ाहट के साथ गिरने की बात कही गयी है। आकाशीय बिजली गिरने के कारण ही दीवार गिरी है। इस दौरान म.म.स्वामी हरिचेतनानन्द, महंत कमलदास, स्वामी केशवानन्द, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, सिद्धार्थ चक्रपाणी, नितिन गौतम, वीरेंद्र कौशिक, शैलेष गौतम आदि उपस्थित रहे।