केरोना संक्रमण से मुक्ति के लिए की नमाज अता

हरिद्वार। त्याग और बलिदान का त्यौहार ईद उल जुहा शांति और उत्साह के साथ मनाया गया। नमाजियों ने ईदगाह और स्थानीय मस्जिदों में नमाज अता कर और देश व समाज की खुशहाली के लिए दुआ की। नमाज के बाद में लोगों ने एक दूसरे को बकरीद की बधाई दी। नमाज के बाद कुर्बानी की रस्म अदा की गयी। कोरोना वायरस के चलते सरकार व प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशो के तहत ईदगाह में केवल पंाच लोगों ने ईद की नमाज अदा की। मस्जिदों में भी इमाम सहित कुल पांच लोगों ने ईद उल अजहा की नमाज अदा कर दुआएं मांगी। आम लोगों ने दिशा निर्देशों का पालन करते हुए घरों में ही नमाज अदा की। कोविड 19 के चलते लोगों ने एक दूसरे को गले लगाने से परहेज करते हुए खैरमकदम व सलाम पेश किए। ईदगाह में मौलाना वाहिद ने ईदगाह कमेटी के सदर हाजी इरफान अंसारी, सचिव नईम कुरैशी, रफी खान, छम्मा ठेकेदार आदि को नमाज अदा करायी। मौलाना वाहिद ने दुआ करते हुए कहा कि ईद-उल-अजहा का पर्व कुर्बानी का पर्व है। जो गरीबों, जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करता है। मौलाना आरिफ ने कहा कि यह त्योहार एक दूसरे के प्रति भाईचारा व मेलजोल बढ़ाने वाला पर्व है। कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग और बलिदान का त्योहार हैं। ईदगाह कमेटी के सदर हाजी इरफान अंसारी व सचिव नईम कुरैशी ने प्रदेशवासियों को ईद उल अजहा की बधाई देते हुए कहा कि एकता, भाईचारे व सौहार्द को बढ़ाने वाले पर्वों से ही हमारी मिली जुली पहचान है। बकरा ईद पर कुर्बानी करने वाले को खुदा अनेकों रहमतों से नवाजता है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते अनेकों दिक्कतों का सामना सभी धर्म समुदाय के लोगों को करना पड़ रहा है। सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए ईदगाह कमेटी के सदस्यों द्वारा ही नमाज अदा करायी गयी। अल्लाह से देश को कोरोना से मुक्त करने की दुआएं भी की गयी। हाजी रफी खान व छम्मा ठेकेदार ने कहा कि ईद उल अजहा पर्व हमारी संस्कृति को दर्शाने वाला पर्व है। सुबह से ही पुलिस प्रशासन विभिन्न मस्जिदों में तैनात रहा। सरकार के दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी भी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों का जायजा लेते रहे। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ पूर्णिमा गर्ग, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने सभी को ईद की बधाई दी।