मातृसदन परमाध्यक्ष का तप 19वें दिन भी जारी रहा

हरिद्वार। मातृसदन परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद का गंगा के संरक्षण को लेकर मातृ सदन का आादोलन अनवरत जारी है। गंगा संरक्षण को लेकर स्वामी शिवानंद का तप शुक्रवार को 19 दिन भी जारी रहा। उन्होंने पहले ही ऐलान कर दिया है कि सरकार की अनदेखी से वे 30 अगस्त से पानी भी कम कर देंगे। मातृसदन परमाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने केवल अपने लिखित आश्वासनों का उल्लंघन ही नहीं किया बल्कि जो आश्वासन क्रियांवित हो चुका था, उसका भी उल्लंघन किया है। कहा कि राज्य की सरकार नाना प्रकार से षड़यंत्र कर गंगा में जेसीबी और पोकलैंड से खनन करवाती है और स्टोन क्रेशरों को अवैध खनन के माल को खपाने की पूरी छूट दे रखी है। क्योंकि सरकार माफिया से घिरी है। स्वामी शिवानंद ने सवाल उठाया कि मोदी खुद को योगी भी कहते हैं। अगर वो योगी हैं तो क्या योगी किसी साधु तो वचन देकर मुकर जाता है। योगी हैं तो ध्यान में देखे कि गंगा की क्या हालत हो रही है। कहा कि समय समय पर मातृ सदन को लेकर झूठी अफवाहें फैलाई जाती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि ब्रह्मांड में मातृ सदन एक पवित्र संस्था है। कलयुग में ऐसी संस्थाओं का पूर्ण अभाव है। मातृ सदन में तप किये जाते हैं। वह तप अपने लिए नहीं बल्कि जन कल्याण गंगा के संरक्षण को लेकर किए जाते हैं। मातृ सदन के उनके शिष्यों ने बताया कि स्वामी शिवानंद अपने पूर्व संकल्प के अनुसार, जिसमें वे जल की मात्रा को कम करते करते शून्य कर देंगे। वर्तमान में वे 5 ग्लास जल को घटाकर 30 अगस्त से 4 गिलास कर देंगे।