पूर्व मुख्यमंत्री बेरोजगारी की समस्या को लेकर निकालेंगे पदयात्रा

हरिद्वार। बढ़ती बेरोजगारी को लेकर चिंता जाहिर करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सितारगंज व हरिद्वार में पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। हरीश रावत ने कहा कि देश में रोजगार की स्थिति बेहद चिंताजनक है। करीब एक करोड़ लोग नौकरी खो चुके हैं। उत्तराखण्ड में नौकरी गंवाने वालों की बड़ी संख्याा  है। बेरोजगारों की तादाद लगातार बढ़ रही है। देश पहले से ही बेरोजगारी की मार से त्रस्त हैं और  कोरोनाजन्य जो बेरोजगारी पैदा हो रही है। उसने लोगों की कमर तोड़ दी है। ऐसे नौजवान जिनके सामने लंबा भविष्य था, बेरोजगारी के कारण निराशा की अवस्था में आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। नौजवानों के अवसाद में मौत का रास्ता चुनना बेहद चिंता का विषय है। हरीश रावत ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि सरकार रिक्त पदों को भरने का काम नहीं कर रही है। सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को भी तरीके से धरातल पर नहीं उतार पा रही है। राज्य में मनरेगा अपने पूर्वत ढर्रे के अलावा कहीं नई संभावनाएं पैदा करने का काम ग्रामीण अंचल में नहीं कर पा रही है। कोई ऐसी ठोस शुरुआत नहीं हो रही है, जिससे लगे कि उत्तराखंड बेरोजगारी से संघर्ष कर रहा है। सिडकुलों की दशा भी चिंताजनक होती जा रही है। इसको देखते हुए उन्होंने तय किया है कि वे 1 सितंबर को बेरोजगार नौजवानों की व्यथा को समाज और राज्य के नीति नियंताओं के सामने लाने के लिये उपवास रखेंगे। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में लोगों से शामिल होने की अपील भी की है। इसके अलावा सिडकुल की स्थिति को लेकर सितारगंज ओर हरिद्वार में पदयात्रा का आयोजन भी किया जाएगा ताकि बेरोजगारी के खिलाफ सजगता का वातावरण बन सके।