श्रीकृष्ण की लीलाएं मानव जाति को प्रेम, सद्भाव, व समन्वयवाद का संदेश देती हैं

हरिद्वार। श्री मानव कल्याण आश्रम में महंत स्वामी दुर्गेशानन्द सरस्वती जी महाराज के संयोजन एवं मैनेजिंग ट्रस्टी अनिरूद्ध भाटी की उपस्थिति में कोरोना महामारी के चलते श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महंत स्वामी दुर्गेशानन्द सरस्वती महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के पूजन के उपरांत कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं मानव जाति को प्रेम, सद्भाव, समभाव व समन्वयवाद का संदेश देती हैं।  भगवान श्रीकृष्ण ने सदैव बुराईयांे को समाप्त करने में अपना योगदान दिया। वहीं भरी सभा में द्रोपदी की मान की रक्षा कर नारी जाति को सम्मान देने की परम्परा भी स्थापित की। श्री ललिताम्बा देवी ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा निरन्तर 65 वर्षों से जन्माष्टमी महोत्सव की परम्परा चली आ रही है। पूज्य ललिताम्बा माता जी व स्वामी कल्याणानन्द सरस्वती जी महाराज ने 6 दशकों तक पूर्ण विधि-विधान से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया। उसी परम्परा का निर्वहन करते हुए सूक्ष्म रूप से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन आश्रम परिसर में किया गया है। श्री ललिताम्बा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, ट्रस्टी श्रीमहंत स्वामी देवानन्द सरस्वती जी महाराज, श्रीमहंत स्वामी रविन्द्र पुरी जी महाराज, रेणुका बेन एल ठक्कर, बहादुर सिंह वर्मा ने भी जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं प्रदान की। इस मौके पर विनित गिरि, सुरेन्द्र मिश्रा, छोटे लाल, ब्रह्म सहित आश्रम के परिजन उपस्थित रहे।


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