किसानों पर लाठीचार्ज करने का मोर्चा ने किया विरोध,पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग

हरिद्वार। हरियाणा में किसानों के उपर लाठीचार्ज का कई संगठनों ने विरोध करते हुए आरोपी अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है। हरियाणा में किसान विरोधी अध्यादेशों का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज करने पर संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा ने नाराजगी जताई है। लाठीचार्ज की घटना का कड़ा विरोध जताते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग उठाई है। शनिवार को तहसील में संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन और शोषित जनसभा हरिद्वार ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि केन्द्र सरकार के किसान विरोधी अध्यादेशों का विरोध कर रहे हरियाणा के किसानों पर सरकार ने बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज कराया जिसका वे पुरजोर विरोध करते हैं। किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए। किसान और देश हित में किसान विरोधी तीन अध्यायादेशों को तत्काल वापस लिया जाए। कहा कि केंद्र सरकार कृषि से संबंधित तीन बिल संसद में लाई है। जिसका सीधा असर छोटे मझोले किसानों पर पड़ना तय है। पहला बिल किसानों की उपज को अनाज मंडी में जाने के बजाय सीधे बाजार के हवाले करता है। दूसरा बिल आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 को खारिज करता है। जिसमें सब्जी अनाज दालें खाद्य तेल आदि को आवश्यक वस्तुओं से हटाया गया है। अब इनकी जमा करने की सीमा भी समाप्त कर दी गई है। इससे जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ेगी। महंगाई आसमान छूने लगेगी। तीसरा बिल कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग से संबंधित है। इससे छोटे मझोले किसान यहां तक कि मध्यम किसान भी तबाह-बर्बाद हो जाएंगे। मोर्चा के सलाहकार व इंकलाबी मजदूर केंद्र के प्रभारी पंकज कुमार, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयोजक नासिर अहमद, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष राजकिशोर, उपाध्यक्ष नीशू कुमार, सत्यवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, राजू, हरीश आदि शामिल रहे।