पवित्र छड़ी यात्रा साम्प्रदायिक सौहार्द,आस्था तथा विश्वास का प्रतीक -त्रिवेन्द्र सिंह रावत

प्रदेश के पौराणिक तीर्थो तक जाने वाली प्राचीन छड़ी यात्रों को मुख्यमंत्री ने किया रवाना


हरिद्वार। श्रीपंच दशनाम जूना आनंद भैरव अखाड़ा द्वारा समस्त उत्तराखण्ड तथा चारों धाम हेतु निकाली जाने वाली प्राचीन पौराणिक छड़ी यात्रा को गुरूवार शाम को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सिद्वपीठ मायादेवी मन्दिर में पूजा अर्चना कर श्रद्वापूर्वक रवाना किया। अखाड़े के अन्र्तराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि महाराज के निर्देशन में अन्र्तराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरि जो कि छड़ी यात्रा के प्रमुख है के नेतृत्व में साधुओं व श्रद्वालुओं का जत्था पवित्र छड़ी लेकर ऋषिकेश के लिए रवाना हो चुका है।      मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने मंत्रीमण्डल सहयोगी शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के साथ निर्धारित समय पर मायादेवी मन्दिर पहुचे,जहां श्रीमहंत हरिगिरि,श्रीमहंत प्रेमगिरि,श्रीमहंत पृथ्वी गिरि,जगदगुरू महामण्डलेश्वर पंचानंद गिरि,सचिव श्रीमहंत महेशपुरी,महांमंत्री श्रीमहंत केदारपुरी कोठारी महंत लालभारती थानापति नीलकंठ गिरि आदि के सानिध्य में मुख्यमंत्री ने पवित्र छड़ी का पूजन किया। इस अवसर पर आयोजित यज्ञ में आहूतियां डाली तथा श्रीआनंद भैरव अखाड़ा में पूजा अर्चना कर पवित्र छड़ी को 25 दिन की यात्रा के लिए रवाना किया।  इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्राचीन पवित्र छड़ी यात्रा साम्प्रदायिक सौहार्द,आस्था तथा विश्वास का प्रतीक है। पिछले कुछ वर्षो से यह किन्ही कारणों से रूकी हुई थी,लेकिन श्रीमहंत हरिगिरि महाराज के प्रयासों से यह पिछले वर्ष से पुनः प्रारम्भ की गयी है। इस यात्रा के माध्यम से उत्तराखण्ड के प्राचीन पौराणिक तीर्थ जो कि जानकारी के अभाव में उपेक्षित पड़े थे,उनको विकसित किया जायेगा तथा तीर्थाटन की दृष्टि से उन क्षेत्रों का विकास किया जायेगा। श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने कहा कि इस प्राचीन छड़ी यात्रा के माध्यम से जहां तीर्थाटन पर्यअन को बढ़ावा मिलेगा,वही स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा,जिसके बाद पलायन रोका जा सकेगा। उन्होने कहा पूरे विश्व में कोरोना जैसी जानलेवा महामारी फेली हुयी है और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित कई राष्ट्रीय नेता अस्वस्थ चल रहे है। इन सभी की कुशलता की कामना के साथ साथ कोरोना की समाप्ति के लिए  सभी तीर्थो में विशेष पूजा अर्चना साधु-संतो द्वारा की जायेगी। उन्होने कहा कि अगामी कुम्भ मेला 2021 को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिहं रावत तथा उनके सहयोगी अत्यंत गंभीरता व सक्रियता से व्यवस्थाओं में जुटे हुए है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निश्चित रूप से कुम्भ मेला 2021 निर्विघ्न,कुशलता व भव्यता के साथ सम्पन्न होगा। उत्तराखण्ड के समस्त तीर्थो व चारो धाम में कुम्भ मेले की सफलता व मुख्यमंत्री के स्वस्थ दीघार्यु रहने की कामना के साथ विशेष पूजा अर्चना की जायेगी।