सरकार को बिजली,पानी के साथ गैस सिलेण्डर मुफ्रत देना चाहिए-किशोर उपाध्याय

हरिद्वार। कोरोना काल में आर्थिक मंदी में परेशान राज्य के लोगों का बिजली पानी का बिल माफ करने तथा आगे दोनों सेवाएं निशुल्क देने की मांग को लेकर उत्तराखंड वनाधिकार कांग्रेस ने सांकेतिक धरना दिया। नगर निगम प्रांगण स्थित ऊर्जा निगम दफ्तर के बाहर आयोजित धरने को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड बिजली और पानी उत्पादित करने वाला राज्य है। यहां से बिजली खरीदकर अन्य राज्य सरकारें अपने यहां मुफ्त दे रही हैं, लेकिन उत्तराखंड की सरकार राज्य वासियों को कोई राहत नही दे रही है। उन्होंने कहा कि 2006 के वनाधिकार एक्ट में यहां के लोगों को विशेष सुविधाएं मिलने का प्रावधान है। लेकिन किसी भी सरकार ने इस और ध्यान नही दिया। किशोर ने कहा कि कोरोना काल मे लोगो की आमदनी खत्म हो गयी है। ऐसे में आमजन का जीवनयापन भी मुश्किल हो गया है। सरकार को चाहिए कि वो तत्काल लोगों के बकाया बिजली पानी के बिल माफ करे। उन्होंने कहा कि यहां के लोगो को दोनों सेवाओं के साथ हर महीने एक गैस सिलिंडर भी निःशुल्क मिलना चाहिए। किशोर ने कहा कि यदि सरकार नही मानेगी तो इस आंदोलन का अगला चरण असहयोग आंदोलन होगा। लोग गांधीवादी तरीके से बिलों का भुगतान करना बंद कर देंगे। धरने को पूर्व महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज, आईटी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुमित तिवारी, जिला संयोजक विभाष मिश्रा, राव आफाक अली, ओपी चैहान, मेयर प्रतिनिधि अशोक शर्मा, जगपाल सैनी, कैलाश प्रधान, आनंद उपाध्याय आदि ने संबोधित किया। इस दौरान बालेश्वर शर्मा, नितिन कौशिक, अनीस कुरैशी, राजपाल सिंह, तीरथ पाल रवि, राजेश रस्तोगी, विशाल राठौर, अनिल भास्कर, रवि बहादुर, बीना कपूर, अंजू द्विवेदी, सीपी सिंह, राजेंद्र भंवर, गुरजीत लहरी, धर्मपाल ठेकेदार, अशरफ अब्बासी, जय किशन न्यूली राजीव चैधरी, सीपीआई के मुनिरका यादव, पूर्व पार्षद सुभान कुरैशी, तस्लीम अंसारी, संजय वर्मा, दिग्विजय सिंह यादव, नितिन यादव, मनोज महंत, मनोज जाटव, रजत जैन, मोनिक धवन, नीतू बिष्ट आदि शामिल रहे।