शिक्षक का दायित्व है कि वह अपने छात्रों का उचित मार्गदर्शन करे-प्रो.रूपकिशोर शास्त्री

हरिद्वार। कमल मिश्रा- गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रूप किशोर शास्त्री ने कहा कि एक सफल शिक्षक एक सफल मार्गदर्शक भी होता है। एक शिक्षक का यह दायित्व है कि वह अपने छात्रों का उचित मार्गदर्शन करे। कुलपति ने यह बात सोमवार से शुरू हुए शैक्षिक नेतृत्व और व्यावसायिक शिक्षा के प्रबंधन विषय पर शिक्षक विकास कार्यशाला में कही। यह कार्यशाला 18 सितंबर तक चलेगी। एआईसीटीई अटल योजना के निदेशक प्रो. रविंद्र कुमार सोनी ने इस तरह के आयोजनों से शिक्षकों के सर्वांगीण विकास पर चर्चा की। गुजरात सनशाइन ग्रुप के निदेशक प्रो. विकास अरोड़ा ने नेतृत्व का शाब्दिक अर्थ, नेतृत्व के महत्ता और एक सफल नेता से होने वाली प्रगति की संभावनाओं के विषय में विचार रखे। गुरुकुल कांगड़ी विवि के कुलसचिव प्रो. दिनेश भट्ट ने संपूर्ण विश्व में और समस्त वातावरण में नेतृत्व की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों को नेतृत्व कुशलता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय अध्यक्ष प्रो. पंकज मदान ने सभी प्रतिभागियों को अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय की गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। देव संस्कृति विवि के डीन अकादमिक प्रो. ईश्वर भारद्वाज ने कहा कि सफल नेतृत्व के लिए तनाव प्रबंधन की अहम् भूमिका है। प्रबंधन संकाय के डीन प्रो. वीके सिंह ने अकादमिक नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। डॉ एमएम तिवारी, डॉ. विपुल शर्मा, डॉ. मयंक अग्रवाल, गजेन्द्र रावत ने आधुनिक समय में प्रोद्योगिकी एवं अनुसंधान से नयी उपलब्धियों को प्राप्त करने के लिए सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम में डॉ. सुयश भारद्वाज, डॉ निशांत, डॉ. अजय कुमार, डॉ. लोकेश जोशी, डॉ. विवेक गोयल, डॉ. तनुज गर्ग, डॉ. निशांत कुमार, गजेन्द्र रावत, संजीव लम्भा, गौरव मालिक, अनुज कुमार शर्मा, नमित आदि प्रतिभागी शामिल रहे।