वेतन कटौती बंद करने सहित अन्य मांगो को लेकर डाॅक्टर करेंगे ओपीडी का बहिष्कार

हरिद्वार। बुधवार को जिला अस्पताल में सरकारी डाॅक्टर ओपीडी में मरीजों को नही देखेंगे,प्रदेश नेतृत्व के आहवान पर डाॅक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार करेगे। इससे सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ की प्रदेश कार्यकारणी की मंगलवार को गांधी अस्पताल में आपात बैठक हुई, जिसमें बुधवार से ओपीडी बहिष्कार के फैसले पर अडिग रहने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ अमिता उप्रेती ने संघ के पदाधिकारियों को फोन कर ओपीडी बहिष्कार के फैसले को टालने का अनुरोध किया लेकिन संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार डॉक्टरों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में ओपीडी बहिष्कार का फैसला वापस ले पाना संभव नहीं है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नरेश नपल्च्याल और महामंत्री डॉ मनोज वर्मा ने कहा कि जब तक सरकार एक दिन की वेतन कटौती वापस नहीं लेती और पीजी डॉक्टरों को पूरा वेतन नहीं दिया जाता तब तक डॉक्टर आंदोलन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डॉक्टरों की लगातार अनदेखी कर रही है और मजबूरन डॉक्टरों को ओपीडी बहिष्कार के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने बुधवार से 30 सितम्बर तक प्रस्तावित ओपीडी बहिष्कार के संदर्भ में सरकार व सभी जिलों के जिला अधिकारियों को नोटिस भी दे दिया है। 29 सितम्बर को गांधी अस्पताल में फिर बैठक होगी जिसमें आगे आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। बैठक में डॉ मेघना असवाल, डॉ एसएन सिंह, डॉ प्रताप रावत, डॉ प्रवीण पंवार, डॉ पीयूष त्रिपाठी, डॉ आशुतोष भरद्वाज सहित अनेक डॉक्टर मौजूद थे।