युवाओं के जागरण से ही राष्ट्र का जागरण संभव -डाॅ.प्रणव पण्ड्या

हरिद्वार। शांतिकुंज के युवा प्रकोष्ठ के संयोजन में एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन हुआ। वेबिनार में अमेरिका, कनाडा सहित कई देशों के अलावा देशभर के 20 प्रांत के राज्य एवं जिला स्तरीय युवा प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। वेबिनार का विषय ‘कोरोना काल के पश्चात युवाओं का दायित्व रहा। इसमें देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि युवा उत्साह, उमंग से भरा होता है। युवाओं के जागरण से ही राष्ट्र का जागरण संभव है। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमणकाल के दौरान युवाओं ने जिस तरह सेवा कार्य किया है, उसकी प्रशंसा हो रही है। अब इसके बाद गायत्री परिवार के युवाओं को आगे बढ़कर विशेष कार्य करने हैं। लोगों के मनोबल को बढ़ाने के लिए योग, प्राणायाम व श्रेष्ठ साहित्य को नियमित रूप से अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हारे मन व थके तन से कोई युवा नहीं हो सकता, इसलिए आप उम्र के जिस किसी भी पड़ाव में हों, तन एवं मन में हमेशा उत्साह बनाये रखें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कोरोना संक्रमण काल बहुत जल्द खत्म हो जायेगा। प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि हवाओं का रुख बदल देने वाले का नाम है युवा। युवा जब चाहे, जिस किसी दिशा में चाहे वायु के प्रवाह मोड़ देने में सक्षम है। इन दिनों संपूर्ण जगत हमारे देश की ओर आशाभरी निगाहों से देख रहा है। युवा प्रकोष्ठ के समन्वयक केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि इस अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार के माध्यम से युवाओं को जागरूक करने एवं युवा दायित्वों का बोध कराया। युवाओं में उत्साह, उमंग का संचार हुआ।