गायत्री साधना से इंद्रियों को नियंत्रित किया जा सकता है-डाॅ.प्रणव पण्ड्या

हरिद्वार । आध्यात्म प्राप्ति को इंद्रियों पर नियंत्रण आवश्यक है, गायत्री साधना से इंद्रियों को नियंत्रित किया जा सकता है। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने कहा कि जिस तरह कछुआ प्रतिकुल अवसर आने पर हाथ-पैर व सिर को सिकोड़कर अंदर समेट लेता है और बाहरी आडंबरों से अपने अंगों को बचाए रखता है। उसी तरह साधक साधना से अपने इंद्रियों को संयमित कर मनोवांछित फल प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के दिनों में मनोयोगपूर्वक गायत्री साधना करने से अपने इंद्रियों को संयमित किया जा सकता है। डॉ. प्रणव पंड्या ने शुक्रवार को नवरात्र साधना में अपने-अपने घरों में जुटे देश-विदेश के गायत्री साधकों को दिए अपने वर्चुअल संदेश देकर मार्गदर्शन किया हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री के सिद्ध युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने गायत्री की प्रचंड साधना की और वे अपनी जिह्वा से लेकर समस्त इंद्रियों को अपनी इच्छानुसार चलाते थे। डॉ. पंड्या ने कहा कि गायत्री साधना साधक में सतोगुण का विकास करती है और उन्हें रजोगुण से मुक्ति दिलाती है।