हाथरस की घटना के विरोध में सड़को पर उतरे लोग,जाहिर किया आक्रोश

हरिद्वार। यूपी के हाथरस में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद तीर्थनगरी के लोगों मंे भी उबाल आ गया। सामूहिक दुष्कर्म के बाद पीड़िता की मौत तथा आधी रात को पीडिता का शव पुलिस द्वारा जलाये जाने से नाराज लोगों ने आक्रोश जाहिर करते हुए विभिन्न संगठनों,दलों के कार्यकत्र्ताओं ने सड़को पर निकलकर प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की मांग की। इस दौरान वक्ताओं ने केन्द्र सरकार एवं यूपी सरकार को जमकर कोसा,वक्ताओं ने दोनो सरकारों को दलित विरोधी करार दिया। गुरूवार को सुबह से ही शहर की सड़कों पर घटना के विरोध में प्रदर्शन,कैंडल मार्च के अलावा गंगा किनारे दीप जलाकर मृतका को श्रद्वांजलि दी। इस क्रम में बीएचईएल अनुसूचित जाति इम्पलाईज वैलफेयर एसोसियेशन रानीपुर के बैनरतले लोगों को पीड़िता के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर दोषियों के खिलाफ त्वरित कारवाई की मांग की। सिटी मजिस्टेªट कार्यालय के समझ प्रदर्शन कर ज्ञापन देने वालों में मंजीत सिंह,अशोक कटारिया,ब्रहमपाल,जिप सदस्य रोशनलाल,राजेन्द्र श्रमिक चमार,बाल्मीकि महासंघ,राजकिशोर के अलावा सीपीसिंह,कुलदीप सिंह,राजेन्द्र भंवर,मेहर सिंह,सुबोध कुमार,अरविन्द कुमार,अरविन्द चंचल,उमेश कुमार,विनोज आजाद,सुमित कुमार,अजय सिंह,राजेश कुमार,राज कुमार,अनूप कुमार,कृष्ण कुमार,विनय कुमार,मोनू टांक,नरेश कुमार,दीपक टांक,अजय गगोलिया,हंसराज कटारिया,प्रशान्त सुधा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। वही दूसरी ओर वाल्मीकि समाज के लोगों ने भी शिवमूर्ति चैक पर प्रदर्शन कर पीड़ितो को न्याय तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित कारवाई की मांग की।