आखिरकार सात महीने बाद कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए खुले स्कूल,

हरिद्वार। आखिरकार कोविड19 के कारण पिछले सात महीने से बंद स्कूल सोमवार से खुल गये। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए खुलने वाले विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम रही। मास्क और अभिभावकों के अनुमति पत्र दिखाने पर ही विद्यालय में उन्हें प्रवेश मिला। कोविड गाइडलाइन के अनुपालन में सभी छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिग कराई गई, हाथों को सैनिटाइज कराया गया। कक्षाओं में दो गज दूरी के मानकों का भी कड़ाई से पालन कराया गया। कोविड संक्रमण के चलते जिले के विद्यालय सात महीने से बंद थे। हालांकि ऑनलाइन छात्रों की कक्षाएं चलती रही। नवंबर से स्कूल खोलने का सरकारी आदेश मिलते ही स्कूल प्रबंधनों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली थी। कक्षाओं को सैनिटाइज कराने के साथ ही छात्र-छात्राओं को अभिभावक अनुमति पत्र लाने के निर्देश दिए गए थे। सोमवार को नियत समय पर विद्यालयों के दरवाजे खुले। हाथ में अभिभावक सहमति पत्र और मुंह पर मास्क लगाए छात्र-छात्राओं के हाथों को पहले सैनिटाइज किया गया। इसके बाद थर्मल स्क्रीनिग की गई। शारीरिक दूरी के मानकों का पालन करते हुए विद्यार्थी कक्षाओं में पहुंचे। प्रत्येक कक्षा में 12 से 15 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था थी। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर में दो पालियों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू कराई गई। पहली पाली में हाईस्कूल और दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की परीक्षा हुई। नब्बे फीसद के करीब उपस्थिति रही। आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र सिंह चैहान ने बताया कि पहले दिन छात्रों की संख्या कम रही। विद्यालय प्रशासन की ओर से कोविड से बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए। सभी बच्चों को उचित दूरी पर बैठाया गया। प्राइवेट स्कूलों में भी कोविड गाइडलाइन मानकों का कड़ाई से पालन दिखा। शिवडेल स्कूल के संचालक स्वामी शरद पुरी महाराज ने बताया कि सोमवार को विद्यालय नहीं खोला गया। मंगलवार से शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित होंगी। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर के इंटरमीडिएट के छात्र अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू होने से पहले टोलियों में दोस्तों संग गपशप में मशगूल दिखे। कुछ छात्र विद्यालय के समीप पार्क में भी हंसी ठिठोली करते दिखे। दूसरी ओर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज ज्वालापुर में 438 छात्राओं में से केवल 57 छात्राएं ही स्कूल पहुंचीं। सेनेटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही छात्राओं को अंदर प्रवेश दिया गया। प्रधानाचार्या पूनम राणा ने खुद प्रवेशद्वार पर व्यवस्था संभाले रखी। सोमवार सुबह करीब 8ः30 बजे से पहले ही स्कूल को खोल दिया गया था। सुबह 9 बजे शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने छात्राओं को कोरोना से बचाव से संबंधित जागरूकता के लिए पूरे विद्यालय की दीवारों पर पोस्टर चस्पा करने शुरू कर दिए। इसके साथ ही साउंड सिस्टम लगाकर छात्राओं को जागरूक किया जाता रहा। सुबह 9ः30 बजे सबसे पहले हाईस्कूल की छात्रा सना स्कूल पहुंचीं। यहां प्रवेशद्वार पर सबसे पहले शिक्षिकाओं ने परिजनों के अनुमति पत्र देखे। इसके बाद हाथ सेनेटाइज करवाने के बाद थर्मल स्क्रीनिंग कर कक्षाओं में प्रवेश दिया गया।