शासनादेश को रद्द करने की मुख्यमंत्री की घोषणा का संत समाज ने किया स्वागत

 हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर बह रही गंगा जल की धारा को स्केप चैनल बताए जाने वाले शासनादेश को रद्द करने की मुख्यमंत्री की घोषणा का संत समाज ने स्वागत किया है। कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा किए गए पाप को त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने धोया है। पतित पावनी मां गंगा भारतीय संस्कृति की पहचान व करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। जिसके स्वरूप स छेड़छाड़ संत समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेंगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा लिया गया फैसला सराहनीय है। हरकी पैड़ी को स्केप चैनल बताए जाने वाले शासनादेश की वजह से श्रद्धालु में गंगा की स्थिति को लेकर बनी भ्रम की स्थिति सरकार के फैसले के बाद दूर हो गयी है। गंगा की गरिमा व सम्मान बहाल हुआ है। मनसादेवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज व म.म.स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचाारी महाराज ने कहा कि पतित पावनी मां गंगा युगों युगों से अविरल व निर्मल बहकर प्राणी मात्र का उद्धार करती चली आ रही है। हरिद्वार की पहचान हरकी पैड़ी व मां गंगा से जुड़ी है। हरीश रावत सरकार के फैसले से इस पर जो प्रश्नचिन्ह लग गया था। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के फैसले के बाद गंगा को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गयी है। अगले वर्ष होने वाले कुंभ मेले में अखाड़ों के संत महापुरूष व श्रद्धालु हरकी पैड़ी पर ही गंगा स्नान करेंगे। उन्होंने कहा कि शासनादेश के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन कर रहे तीर्थ पुरोहितों के संघर्ष की भी जीत हुई है। महंत रूपेंद्र प्रकाश व श्रीमहंत विनोद गिरी महाराज ने कहा कि हरकी पैड़ी पर प्रतिवर्ष देश विदेश से लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान व पुण्य की कामना को लेकर आते हैं। स्केप चैनल शासनादेश के बाद श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बन रही थी। सरकार के फैसले से पूरा संत समाज हर्षित है। महंत निर्मलदास, स्वामी ऋषिश्वरानन्द, महंत साधनानन्द, स्वामी कपिलमुनि, श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह, महंत जसविन्दर सिंह, महंत देवेंद्र सिंह, स्वामी राजेंद्रानन्द, महंत जयेंद्र मुनि, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी ऋषि रामकृष्ण, स्वामी निरंजनदेव, श्रीमहंत रामरतन गिरी, महंत लखनगिरी, स्वामी मधुरवन, स्वामी रघुवन, महंत गंगादास उदासीन, महंत दामोेदर शरण दास, महंत प्रेमदास, महंत रोहित गिरी, महंत रंजय सिंह, महंत अमनदीप सिंह, स्वामी आशुतोष पुरी, श्रीमहंत विद्यानन्द सरस्वती, महंत देवानन्द, म.म.स्वामी सोमेश्वरानन्द गिरी, म.म.स्वामी हरिचेतनानन्द, महंत कमलदास, जगद्गुरू स्वामी अयोध्याचार्य महाराज, सहित कई संत महंतों ने अखाड़ा परिषद श्रीमहंत नरेंद्र गिरी, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का आभार जताया।