जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रभारी सचिव ने की समीक्षा


 कई विभागों की कार्य प्रणाली पर जतायी नाराजगी,दिए कार्यवाही के निर्देश 


हरिद्वार। डा.मनोज कुमार-जनपद प्रभारी सचिव आर0के0 सुधांशु, ने मेला नियंत्रण भवन हरिद्वार में विभिन्न विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में प्रभारी सचिव ने जिला योजना, रोजगार कार्यक्रम, जन-समस्यायें, सर्विस डिलीवरी तथा विधान सभा क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण विकास कार्यों एवं मुख्यमंत्री घोषणायें आदि की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की शुरूआत जिला पंचायत से की। जिला पंचायतराज अधिकारी ने बताया कि जिला पंचायत में कुछ विवाद चल रहा था, जिसकी वजह से टेण्डर करने में विलम्ब हुआ। अब सबका टेण्डर हो चुका है। प्रभारी सचिव ने नाराजगी प्रकट करते हुये कहा कि योजनाबद्ध ढंग से न चलने की वजह से आपके कार्य में इतना विलम्ब हुआ। आपके खिलाफ तो कार्रवाई होनी चाहिये। उरेडा के अधिकारियों ने बताया कि हमें टेण्डर दो बार करना पड़ा। इसी की वजह से स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष व्यय कम हुआ। इस पर प्रभारी सचिव ने कहा कि समय पर व्यय नहीं हुआ तो अगली बार कार्रवाई की जायेगी। लघु सिंचाई, एलोपैथिक, समाज कल्याण विभाग, लघु उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, सेवा योजन, उद्यान, नलकूप, पशुपालन, भेषज, कृषि, गन्ना, पी0डब्ल्यू0डी0, युवा कल्याण, खेलकूद के अधिकारियों ने बताया कि दिसम्बर तक लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण हो जायेेंगे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सम्बन्ध में प्रभारी सचिव ने कहा कि कितने आवेदन भेजे गये, कितने बैंकों ने निरस्त किये तथा निरस्त करने का कारण लिखित में स्पष्ट होना चाहिये। इस पर जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जिन बैंकों की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है, उनकी जमा धनराशि हम शिफ्ट कर रहे हैं तथा एक निर्धारित समयावधि में बैंकों को आवेदन निरस्त होने के कारणों को स्पष्ट करना होगा। गंगा प्रदूषण के सम्बन्ध में अधिकारियों ने प्रभारी सचिव को बताया कि सारी योजनायें पूरी हो चुकी हैं। प्रभारी सचिव ने सहकारिता विभाग, वन विभाग, सिंचाई विभाग, हरिद्वार एवं रूड़की, नलकूप खण्ड हरिद्वार, पेयजल रूड़की नगरीय की कार्य प्रणाली पर नाराजगी प्रकट करते हुये इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये। स्वजल के सम्बन्ध में प्रभारी सचिव ने निर्देश दिये कि इसकी रेण्डम जांच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों से मुख्यमंत्री घोषणा के सम्बन्ध में पूछा तो पी0डब्ल्यू0डी0 के अधिकरियों ने कहा कि 19 घोषणायें पूरी हो चुकी हैं तथा 17 लगभग पूरी होने को हैं। पेयजल में 17, सिंचाई में पांच, जल संस्थान में एक, शिक्षा में चार पूरी हो चुकी हैं तथा 14 लगभग पूरी होने को हैं, नलकूप निगम में तीन स्वीकृत हुई हैं, जिनमें से दो पूर्ण हो चुकी हैं। प्रभारी सचिव ने कहा कि पैसा होने के बावजूद घोषणाओं को पूरा करने की प्रगति धीमी है। उन्होंने निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री की जितनी भी घोषणायें हुई हैं, उनको यथाशीघ्र पूर्ण किया जाये तथा उनको लम्बे समय तक लटकाये न रखा जाये। उद्योग विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के सम्बन्ध में प्रभारी सचिव को बताया कि 44 आवेदनों के सापेक्ष 31 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। प्रभारी सचिव ने कुछ अधिकारियों के बैठक में अनुपस्थित रहने पर भी नाराजगी प्रकट की और निर्देश दिये कि वे अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहें, अन्यथा की स्थिति में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।  इस अवसर पर प्रभारी सचिव ने कहा कि डेढ़ वर्ष में कई ऐसे शासनादेश जारी किये हैं, जिससे कार्यों के संचालन में आसानी आई है तथा कार्य करने की गति बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगर आंकड़े सही हैं, तो योजना भी सटीक बनेगी। इस मौके पर सभी विभागों के अधिकारीगण अथवा उनके प्रतिनिधि उपस्थित थे।