कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाले गंगा स्नान पर जिला प्रशासन की रोक

 कोविड19 के बढ़ते संक्रमण का असर

हरिद्वार। जनपद सहित हरिद्वार शहर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए 30नवम्बर को होने वाली कार्तिक पूर्णिमा स्थान पर रोक लगा दी गई है।  इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी रविशंकर ने बताया कि कई राज्यों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। ऐसे में स्नान पर्व में आस-पास के राज्यों के श्रद्वालुओं के आने से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा पैदा होगा। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर रोक लगाई गई है। आपको बता दें कि स्नान के लिए बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। कार्तिक पूर्णिमा स्नान 30 नवंबर को पड़ रहा है। इसी दिन गुरु नानक देव का जन्मदिवस भी होता है। इसलिए बाहरी राज्यों से श्रद्धुलओं के साथ ही सिख श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में हरिद्वार पहुंचते है, लेकिन मौजूदा वक्त में कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में हरिद्वार में भी संक्रमण बढ़ने का खतरा बन जाएगा। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्नान पर रोक लगा दी है। जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आमजनों के सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुये कोविड-19 एंव भारत सरकार द्धारा जारी गाइडलाईन्स, दिशा निर्देशांे के अनुरूप हरिद्धार में दिनांक 30.11.2020 को कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व स्थगित किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति उक्त आदेश का उल्लंघन करते हुये पाया जाता है तो सम्बन्धित के विरूद्ध महामारी अधिनियम 1897 व आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 के सुसंगत प्राविधानो के अन्तर्गत कार्यवाही सुनिश्चित की जायगी।  वहीं, इस मामले को लेकर पुलिस और श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों ने एक बैठक भी की है, जिसमें स्नान पर्व पर हरकी पैड़ी सहित आसपास के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकने की तैयारियों पर चर्चा की गई है। उधर, जिला प्रशासन के कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर रोक लगा दिए जाने से हरिद्वार के व्यापारियों में आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन के फैसले का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर इस तरह के स्नान पर्व को प्रशासन स्थगित करता रहा तो व्यापारी कहां जाएंगे।