समाधि स्थल मोन क्षेत्र स्थल के रूप में विकसित होगा-- आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी

 हरिद्वार। भारत माता मंदिर और समन्वय ट्रस्ट के संस्थापक देश के शीर्ष संत महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी की समाधि स्थल भूपतवाला में दिव्य भव्य समाधि स्थल मंदिर  का शिलान्यास उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सोमवार कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सदगुरू देव स्मृति सभागार का भी उद्घाटन करेंगे। इस सभागार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के जीवन से संबंधित चित्रों का संकलन किया गया है और उनकी पुस्तकें भी इस सभागार में रखी गई है। रविवार को समाधि स्थल परिसर में आयोजित सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का समापन हुआ। इस अवसर पर यज्ञ स्थल में पूर्णाहूति देते हुए श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर और भारत माता मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि स्वामी श्री सत्यमित्रानंद महाराज हमारे मध्य सूक्ष्म शरीर के रूप में विराजमान है और उनका आशीर्वाद हम सब के साथ हैं। सद्गुरु हम गुरु भाइयों की लंबी श्रंखला को स्थापित करके ब्रह्मलीन हुए। उन्होंने कहा कि उनका यह समाधि स्थल हम सबके लिए प्रेरणादाई है। आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि गुरुदेव का समाधि स्थल मोन क्षेत्र स्थल के रूप में रहेगा,जो हमें आत्मिक प्रेरणा और शांति प्रदान करेगा। भारत माता मंदिर के मुख्य ट्रस्टी पंडित आर डी शर्मा ने कहा कि स्वामी जी के विचार हर युग में प्रासंगिक रहेंगे। उन्होंने समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किए। उनका स्मृति स्थल भव्य और दिव्य बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अलावा कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी कृष्ण गोपाल और देश भर के संत मौजूद रहेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का कार्यक्रम में पूर्ण ध्यान रखा जाएगा। आज हनुमान चालीसा के सवा लाख पाठ के समापन अवसर पर आरती का आयोजन भी किया गया। सवा लाख हनुमान चालीसा का पाठ स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज जी के संकल्प के तहत उनकी स्मृति में आयोजित किया गया था।